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छह हजार ग्रामीण डाक सेवक जाएंगे हड़ताल पर, नहीं बंटेंगे लेटर

Sun, 20 May 2018 10:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, स्वारघाट (बिलासपुर)
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केंद्र सरकार और डाक विभाग के रैवये से आहत हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित डाकघरों में कार्यरत करीब छह हजार ग्रामीण डाक सेवक 22 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। इस दौरान हिमाचल के किसी भी ग्रामीण डाकघर से डाक नहीं बंटेगी।

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ग्रामीण डाक सेवक संघ जिला बिलासपुर के प्रधान सोहन सिंह कौशल और सचिव बूटाराम ने बताया कि 4 मई को एनएफईयू से संबंधित आल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन के साथ ही देश के तीन बड़े संगठनों ने केंद्र सरकार व डाक विभाग को हड़ताल का नोटिस दिया था।

इसके बाद भी वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई। इस कारण पूरे देश के ग्रामीण डाक सेवक डाक व्यवस्था ठप कर देंगे। उन्होंने ग्रामीण डाक सेवकों से आग्रह किया है कि वे 22 मई को मुख्य डाकघर बिलासपुर में पहुंचेंगे। 

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कहा कि डाक विभाग ने नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का सितंबर 2016 से भुगतान कर दिया है, जबकि ग्रामीण डाक सेवकों के वेतनमान निर्धारण करने को बैठाई गई कमलेश चंद्रा कमेटी की रिपोर्ट ढाई साल बाद भी लागू नहीं की जा रही है।

ग्रामीण डाक सेवक पुराने वेतनमान पर काम कर रहे हैं। सातवें वेतन आयोग की तर्ज पर कमलेश चंद्रा रिपोर्ट को ग्रामीण डाक सेवकों के वेतनमान में सुधार के लिए जनवरी 2016 में बैठाया गया था।

इसमें सुझाए वेतनमान के अनुसार ग्रामीण डाक सेवकों के वेतन में बढ़ोतरी की जाएगी, लेकिन ढाई साल बाद भी कमलेश चंद्रा रिपोर्ट को लागू नहीं किया जा रहा है। उधर, डाक विभाग ने हड़ताल से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है। मंडल स्तर पर कंट्रोल रूम बना दिए गए हैं। ग्रामीण डाक सेवकों से भी विभागीय अधिकारी संपर्क में हैं।
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