हिमाचल में शुक्रवार से पंचायतों में मनरेगा और 14वें वित्तायोग के कार्य ठप हो जाएंगे। प्रदेश सरकार की ओर से जारी चेतावनी पत्र के बाद भी ग्राम सेवक हड़ताल पर जाने के फैसले पर अडिग हैं।
संघ ने कहा है कि सरकार नौकरी से निकाले या फिर नई भर्ती करे, ग्राम सेवक धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। जायज मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही है। प्रदेश में 1081 ग्राम रोजगार सेवक पंचायतों में सेवाएं दे रहे हैं।
इनके हड़ताल पर जाने से पंचायतों का काम प्रभावित होगा। पंचायतों के काम के लिए न तो मस्टररोल जारी होंगे और न ही श्रमिकों को पेमेंट हो सकेगी। इसी तरह से प्रदेश में चल रहे जियो टैगिंग, जॉब कार्ड की वेरिफिकेशन का कार्य भी प्रभावित होगा।
ग्राम रोजगार सेवकों ने मांगों को लेकर विभाग को ज्ञापन सौंपकर अल्टीमेटम दिया था। ग्राम सेवक संघ के प्रदेशाध्यक्ष शिवराज ठाकुर ने कहा कि शुक्रवार से सभी ग्राम सेवक संघ हड़ताल पर रहेंगे।
इसके लिए पहले ही सरकार और विभाग को ज्ञापन सौंपा गया था। ग्राम रोजगार सेवकों की मांगों को लेकर सरकार हमेशा की गंभीर रही है, लेकिन अधिकारी सरकार को गुमराह कर इसमें अड़ंगा डाल रहे हैं।
ये हैं ग्राम सेवकों की मांगें
- एक समान काम और एक समान वेतन देना
- ग्राम सेवकों को नियमित करना
- ग्रामीण विकास विभाग में रिक्त पड़े पंचायत सचिवों के पदों पर नियमित करना
- सालाना एक हजार मानदेय बढ़ाना