संकल्प प्रस्ताव में अनिरुद्ध सिंह के अलावा रामलाल ठाकुर, रमेश ध्वाला, सुंदर सिंह, सुरेश कश्यप, राकेश जम्वाल, बलवीर वर्मा और राकेश सिंघा ने भी विचार रखे।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत सरकार ने राखी पर्व पर सरकार ने 15000 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। मंत्री ने बताया कि 14वे वित्तायोग से प्रदेश को 1176 करोड़ मिले हैं। इसमें 1176 करोड़ पंचायतों को दिए गए हैं। उन्होंने विधायकों से अपनी प्राथमिकता तय करने को कहा।
प्रदेश सरकार किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान का मामला प्रभाव तरीके से केंद्र सरकार से उठाएगी। विधायक राकेश सिंघा ने विधानसभा में गैर सरकारी संकल्प की तहत किसानों को बीमा लाभ देने के लिए ठोस नीति बनाए जाने का मामला उठाया।
जवाब में कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि प्रदेश में 80 फ ीसदी किसान हैं। वर्ष 2016 में यहां फसल बीमा योजना केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई थी। योजना में खरीफ की फसल ली जाती है। आलू, टमाटर , मटर, फूलगोभी को भी इसमें कवर किया गया है।
उन्होंने कहा कि ऊना जिले का आलू क्रॉप इंश्योरेंस में इसी साल से डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को जानकारी देने के लिए वैदर स्टेशन लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को मोदी फोबिया है, जो कह रहा है कि बीमा कंपनियां मोदी सरकार की हैं।
विपक्ष का कंपनियाें का पैसा खाने का आरोप सरासर गलत हैं। उन्होंने कहा कि यह वही कंपनियां हैं, जो कांग्रेस सरकार के समय से किसानों का फसल बीमा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विधायक अपने क्षेत्रों की उन फसलों का ब्योरा दें, दें जो किसी भी बीमा के अधीन नहीं आती हैं।
सरकार इन्हें फसल बीमा योजना में शामिल करेगी। इससे पहले सिंघा के अलावा बलबीर सिंह, राकेश पठानिया, जगत सिंह नेगी, सुरेंद्र शौरी और विक्रम जरियाल ने किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने को विशेष नीति बनाने की मांग की।