उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्कूल मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट कमेटी को निगरानी के आदेश दिए हैं।
प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाने वाले सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षकों को अब सरकार की आंखों में धूल झोंकना आसान नहीं होगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों पर नजर रखने का जिम्मा एसएमडीसी (स्कूल मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट कमेटी) को सौंप दिया है।
बुधवार को उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर एसएमडीसी को सतर्क रहने को कहा है। कोताही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही गई है। उच्च शिक्षा निदेशक ने शिक्षकों से स्कूलों में बच्चों पर अधिक ध्यान देने की अपील की है।
केंद्र सरकार ने हिमाचल सरकार को पत्र जारी कर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने को कहा है। मानव संसाधन मंत्रालय ने कहा है कि स्कूल मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट कमेटी में समाज के विभिन्न वर्गों से लोग शामिल होते हैं। यह लोग कई लोगों के संपर्क में होते हैं।
ऐसे में एसएमडीसी को प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों पर नजर रखने के लिए अधिकृत किया जाए। केंद्र सरकार के आदेशानुसार उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर अपने-अपने क्षेत्रों की एसएमडीसी को सरकारी नियमों की अवहेलना करने वाले शिक्षकों पर नजर रखने को कहा है।
निदेशक दिनकर बुराथोकी ने बताया है कि सरकारी शिक्षकों को प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाने की मनाही है। समय-समय पर शिकायतें मिलने पर आदेशों की अनदेखी कर रहे शिक्षकों पर कार्रवाई भी की जाती है। इसके बावजूद मामलों में कमी नहीं आई है। एसएमडीसी की सहभागिता होने से जानकारी में वृद्धि होगी। उन्होंने सभी शिक्षकों में स्कूलों में अधिक से अधिक समय बच्चों को देने की अपील की है।