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सरकार ने रोकी 10 हजार विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति, ये है बड़ी वजह

Fri, 06 Dec 2019 05:00 AM IST
Krishan Singh अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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सीबीआई जांच में फंसे 22 निजी शिक्षण संस्थानों के करीब दस हजार विद्यार्थियों की सरकार ने छात्रवृत्ति रोक दी है। 250 करोड़ के बहुचर्चित घोटाले की जांच जारी रहने तक इन संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का वर्ष 2017-18 के लिए नवीकरण नहीं किया जाएगा। वर्ष 2018-19 के नए दाखिलों के आवेदनों की जांच को उच्च शिक्षा निदेशालय में कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी की सिफारिश के बाद ही पैसा जारी किया जाएगा।

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छात्रवृत्ति घोटाले के चलते सीबीआई के रडार पर आए 22 शैक्षिक संस्थानों को लेकर सरकार हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है। इसी कड़ी में वीरवार को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने आदेश जारी कर जांच में फंसे संस्थानों का वर्ष 2017-18 के लिए नवीकरण नहीं करने का फैसला लिया है। इन विद्यार्थियों ने शैक्षणिक सत्र 2015-16 के दौरान इन संस्थानों में प्रवेश लिया है।

सीबीआई वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक के मामलों की जांच कर रही है। इसके चलते 2017-18 के बैच को भी निदेशालय ने संदिग्ध मानते हुए नवीकरण नहीं करने के आदेश दिए हैं। इन संस्थानों में साल 2017-18 और 2018-19 में हुए नए दाखिलों की छात्रवृत्ति दस्तावेजों की पूर्ण जांच के बाद जारी कर दी जाएगी।
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इन वर्षों के छात्रवृत्ति आवेदनों के दस्तावेज को जांचने के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी को आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के आय प्रमाणपत्रों, आधार से लिंक बैंक खातों, बोनोफाइड प्रमाणपत्रों, पिछली कक्षा के परिणाम और संस्थान के शपथपत्र की जांच करने को कहा है। कमेटी को इन संस्थानों का मौके पर जाकर निरीक्षण करने को भी कहा गया है।

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