राजकीय उच्च पाठशाला मंगलौर के पुराने भवन में लगी आग।
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मंडी-कुल्लू जिला की सीमा पर राजकीय उच्च पाठशाला मंगलौर के पुराने भवन में शनिवार सुबह भीषण आग लग गई। इससे छह कमरों का दो मंजिला भवन कुछ ही क्षण में स्वाह हो गया। इस घटना में लाखों का नुकसान हुआ है। आयुर्वेदिक एवं सहकारिता मंत्री कर्ण सिंह और बंजार के एसडीएम अश्विनी कुमार ने मौके पर पहुंच कर नुकसान का जायजा लिया। अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं लग पाया है।
शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे उच्च पाठशाला मंगलौर के पुराने भवन में आग लग गई। भवन पर लकड़ी अधिक होने से छह कमरों का दो मंजिला भवन कुछ क्षणों में राख हो गया। आग की लपटें इतनी भीषण थी कि स्थानीय लोग भी आग पर काबू नहीं पा सके। करीब एक घंटे के बाद लारजी से फायर ब्रिगेड पहुंच कर आग बुझाई, लेकिन तब तक पूरा भवन जल चुका था।
स्कूल के पुराने भवन में स्टोर, प्रयोगशाला और क्लास रूम थे। इसमें प्रयोगशाला और लैब का सामान भी जलकर राख हो गया। वार्षिक परीक्षाएं समाप्त होने के कारण स्कूल में घटना के समय बच्चे नहीं थे। स्टोर में मिड डे मील के तीन सिलेंडर भी रखे थे जिसमें से दो को किसी तरह से बाहर निकाल लिए। जबकि एक सिलेंडर आग लगने से फट गया।
मुख्याध्यापक यशपाल ने बताया कि भवन में विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय कक्ष और स्टोर का सारा सामान राख हो गया। स्कूल के कुछ पुराने दस्तावेज और वार्षिक परीक्षा परिणाम भी जल गए हैं। आग से करीब पांच से दस लाख का नुकसान आंका जा रहा है। भवन में आग कैसे लगी, अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है।
स्कूल के कुल्लू-मंडी की सीमा पर होने के कारण बालीचौकी क्षेत्र के बाहूगी, दाड़ी व परजोलीधार के अलावा अन्य गांवों के बच्चे भी मंगलौर पाठशाला शिक्षा ग्रहण करते हैं। घटना का पता लगते ही आर्युवेदिक व सहकारिता मंत्री कर्ण सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे तथा बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से स्कूल के नए भवन का प्राकलन बनाने के भी निर्देश दिए तथा स्थानीय लोगों को जल्द ही नया पाठशाला भवन बनाने का आश्वासन दिया।