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आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सीएम वीरभद्र ने किया बड़ा एलान

Thu, 16 Feb 2017 02:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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चुनावी साल में हिमाचल सरकार ने हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारी नौकरी पर लाने का एलान किया है। सरकार इन कर्मचारियों के लिए पॉलिसी बनाकर नियमित करने के लिए टाइमलाइन तय करेगी। सीएम वीरभद्र सिंह ने बुधवार को शिमला के पीटरहॉफ  परिसर में आउटसोर्स कर्मचारियों के  सम्मेलन में कहा कि निराश होने की जरूरत नहीं है। यह तो अच्छी बात है कि कम से कम आउटसोर्स में तो लगे। 
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अगर आउटसोर्स की नौकरी न पाते तो नियमित कैसे होते। जब वे पक्के होंगे तो उनके बाद और आउटसोर्स कर्मचारी भर्ती होंगे। यह क्रम चलता रहेगा। सीएम ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को रखना कोई नई प्रणाली नहीं है। यह कुछ अरसे के लिए ठीक है लेकिन अगर किसी की आधी जिंदगी आउटसोर्स में ही बीत जाए तो न्यायोचित नहीं है। इसीलिए ये कर्मचारी कितने वर्ष तक आउटसोर्स हों और कितने वर्ष में रेगुलर हो जाएं, इसके लिए जल्द न्यायपूर्ण फैसला लेने की जरूरत है। 

सीएम ने कहा कि जरूरत नहीं थी फिर भी प्रदेश सरकार ने जलवाहक भी भर्ती किए हैं। इस अवसर पर युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने भी मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगों को पूरा करें। हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष धीरज चौहान ने भी नए बजट में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति का प्रावधान करने का अनुरोध किया। 
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चुनावी रैली में बदला नजर आया पीटरहॉफ का नजारा

पीटरहॉफ शिमला का नजारा बुधवार को चुनावी रैली में बदला नजर आया। हजारों आउटसोर्स कर्मचारी सीएम वीरभद्र सिंह के आश्वासन पर रेगुलर होने की आस में भावुक हो गए। वे वीरभद्र सिंह को सातवीं बार सीएम बनवाने के नारे लगाते रहे। युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह की पहल पर यहां जुटे ये कर्मचारी सीएम वीरभद्र सिंह की घोषणा का इंतजार करते रहे।

बाद में जब सीएम ने उन्हें रेगुलर करने की टाइमलाइन तैयार करने के लिए आश्वस्त किया तो नारेबाजी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा था। आउटसोर्स कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष धीरज चौहान ने तो मंच से चुनाव में वीरभद्र सरकार का साथ देने का वचन तक दे डाला। उन्होंने युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह को चांदी का मुकुट पहनाया।

हालांकि, सीएम को भी मुकुट पहनाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। पीटरहॉफ में आउटसोर्स कर्मचारियों का ये सम्मेलन ऐसे लग रहा था, मानो कोई चुनावी रैली हो। कंप्यूटर टीचर्स, पंप ऑपरेटर, वोकेशनल कर्मचारी, विभागों-निगमों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से लगे कर्मचारी शामिल हुए।

मुझे नई पीढ़ी से उम्मीद: वीरभद्र

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि चुनाव समीप आते ही प्रदेश में कुछ ताकतें लोगों को बांटने प्रयास करती हैं। उन्हें नई पीढ़ी से बहुत उम्मीद है। नई पीढ़ी ने वर्गीकरण नहीं देखा है। हिमाचल में कांग्रेस के अलावा दूसरी सरकारें जो थीं, वेे षड्यंत्र ज्यादा रचती

थीं और विकास पर कम ध्यान देती रही हैं। सीएम वीरभद्र सिंह ने कर्मचारी संगठनों की ओर से अफसरशाही पर निशाना साधने पर कहा कि अधिकारियों का इसमें कोई दोष नहीं है। वे वही करते हैं, जो सरकार करवाती है। अगर कोई रोड़ा अटकाए तो उन्हें हटाना भी आता है। 

तीन साल हो अनुबंध नीति: विक्रमादित्य
युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले से ही आउटसोर्स कर्मियों के लिए अनुबंध नीति तैयार करने पर विचार कर रहे थे। आउटसोर्स कर्मियों के लिए नीति तैयार कर हिमाचल देश में रोल मॉडल बनेगा। उन्होंने इन कर्मियों

को अनुबंध नीति के तहत लाने के बाद अनुबंध अवधि को कम कर तीन वर्ष करने की मांग का भी समर्थन किया। उन्होंने अधिकारियों का भी आह्वान किया कि वे सरकार के दिशा-निर्देशों को ठीक से लागू करें। विक्रमादित्य सिंह ने नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया।

जोगटा बोले, डी कंपनी ने कभी कर्मचारियों का हित नहीं सोचा

हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष एसएस जोगटा ने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में डी कंपनी ने कभी कर्मचारियों के हित की बात नहीं की। उन्होंने आरएसएस की शाखाएं लगाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने का मामला भी उठाया। 

समारोह में मंच पर युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह के अलावा इंटक के प्रदेश अध्यक्ष बावा हरदीप सिंह,  एचपीएसआईडीसी के उपाध्यक्ष अतुल शर्मा, एपीएमसी शिमला के अध्यक्ष महेंद्र स्तान, कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष एसएस जोगटा, महासचिव गोपाल शर्मा, प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष धीरज चौहान, इंटक उपाध्यक्ष सोहन वर्मा, सलाहकार सूचना प्रौद्योगिकी गोकुल बुटेल, शिमला ग्रामीण खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर, मंडी संसदीय विधानसभा क्षेत्र युवा कांग्रेस के अध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह आदि भी मौजूद रहे।
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दृष्टिबाधितों के बैकलॉग का फिर से आंकलन करेगी सरकार: सीएम

दो दिन पहले सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करने वाले दृष्टि बाधितों को राहत प्रदान करते हुए सरकार ने बड़ा एलान किया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार को राज्य सचिवालय में दृष्टि बाधित व्यक्तियों के सेवा मामलों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार बैकलॉग का फिर से आंकलन करने तथा इसे कैडर आधार पर भरने का निर्णय लिया। वर्तमान में राज्य में शारीरिक तौर पर 163 विकलांगजनों का बैकलॉग है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 65 दृष्टि बाधित व्यक्तियों के बैकलॉग को शीघ्र भरा जाएगा। योग्यता मानदंडों में विशेषकर शिक्षा विभाग में अध्यापकों के पदों के लिए कुछ छूट देने का निर्णय लिया जाना है। यह निर्णय अध्यापकों के लगभग 32 पदों के बैकलॉग को पूरा करने के लिए लिया जा रहा है। बैठक में लगभग 33 पदों के बैकलॉग को 15 दिन में विज्ञापित करने का भी फैसला लिया गया।

सरकार की ओर से प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 1996 के बाद शारीरिक तौर पर विकलांग व्यक्तियों के विभिन्न 1750 पद भरे गए हैं जिनमें से 554 पदों पर दृष्टिबाधित व्यक्तियों को नियुक्तियां दी गई हैं और 163 पदों के बैकलॉग को भरने की प्रक्रिया जारी है। बैठक में दृष्टिबाधितों द्वारा ब्रेल परीक्षा के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करने के अनुरोध पर सचिव ने कहा कि कुछ शर्तें अनिवार्य हैं, जिनके लिए नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ के साथ विचार-विमर्श करने के उपरांत निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। दृष्टिबाधित संघ के अध्यक्ष शोभू राम के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण श्रीधर, प्रधान सचिव तकनीकी शिक्षा संजय गुप्ता, सचिव समाज कल्याण अनुराधा ठाकुर प्रबंध निदेशक एचपीटीडीसी दिनेश मल्होत्रा उपस्थित थे। समाज कल्याण सचिव अनुराधा ठाकुर ने कहा कि विशेष बच्चों के स्कूल ढली तथा विशेष योग्यता वाले बच्चों के संस्थान सुंदरनगर में परामर्श देने के लिए एक उच्च स्तरीय सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा।
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