जहां मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू सहित प्रदेश कांग्रेस के तमाम नेता हिमाचल में पार्टी की सभी चार सीटों पर हार का कारण मोदी लहर मान चुके हैं, वहीं कांग्रेस के एक नेता ने इसका ठीकरा राज्य सरकार के सिर ही फोड़ डाला है।
पूर्व कांग्रेस महासचिव कुलदीप सिंह राठौर ने मोदी लहर के अलावा हिमाचल में कांग्रेस की हार का एक कारण पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी बताया है। शनिवार को उन्होंने यह बात शिमला में पत्रकारों से बातचीत में कही।
एक दशक तक कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महासचिव तथा प्रवक्ता रह चुके और वर्तमान में वाणिज्य मंत्रालय की निर्यात एजेंसी एपीडा के निदेशक कुलदीप सिंह राठौर पूर्व केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के करीबी माने जाते हैं।
राठौर ने शिमला में कहा कि सरकार में ऐसे लोगों को खास तरजीह दी गई जो कांग्रेस में विपक्ष में रहते हुए कहीं नहीं थे। जो विपक्ष में पार्टी के आंदोलनों में सक्रिय थे, उन्हें सरकार ने सत्ता में आने के बाद पूछा तक नहीं।
कार्यकर्ताओं की उपेक्षा नहीं होती तो शायद यह सब कुछ नहीं होता। असंतुष्ट कार्यकर्ता घरों से बाहर ही नहीं निकले।