जयराम की पहले से संजय कुंडू से नजदीकी मानी जाती है, लेकिन उनकी तीस साल की न्यूनतम सेवा न होने की वजह से डीजीपी पद पर नियुक्ति फंस गई। वहीं, दो वरिष्ठ अधिकारियों को हटाने से खासा विवाद भी हो सकता था।
हालांकि, प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था से परेशान से जयराम सरकार ने नया रास्ता निकाला है। अब कुंडू को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रधान सचिव डॉ श्रीकांत बाल्दी के साथ बतौर अतिरिक्त प्रधान सचिव लगाने की तैयारी है।
सूत्रों का कहना है कि तैयारी के पीछे दलील यह है कि इससे मुख्यमंत्री कार्यालय के कामकाज को भी बेहतर बनाया जा सकता है। साथ ही डीजी बने बिना भी वह प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बेहतर पकड़ रख सकेंगे।
नाम न लिखने की शर्त पर शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस महीने के अंत तक कुंडू प्रदेश वापस आ सकते हैं। उनके आने के बाद प्रदेश के समीकरण में कई बड़े बदलाव होने की संभावना है।