सरकार लंबे समय से पंजाब की तर्ज पर वेतनमान तो देती रही है, लेकिन भत्ते पंजाब के बराबर कभी नहीं दिए गए। पंजाब में सरकारी नौकरी में तैनात पति-पत्नी दोनों को आवास भत्ता दिया जाता और हिमाचल में सिर्फ एक को आवास भत्ता दिया जाता है।
पंजाब में फिक्स मेडिकल भत्ता पांच सौ रुपये दिया जा रहा है, जबकि हिमाचल में यह भत्ता 100, 150 और तीन सौ है। इसके अलावा जनजातीय भत्ता देने की मांग की जाती रही है, जबकि पंजाब में यह नहीं दिया जाता।
यह कहते हैं महासंघ तदर्थ समिति समन्वयक
हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ तदर्थ कमेटी समन्वयक विनोद कुमार कहते हैं कि प्रदेश के कर्मचारी केंद्रीय वेतनमान देने को राज्य सरकार पर दबाव बना रहे हैं। अगर ऐसी व्यवस्था होती है तो हिमाचल के कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर वेतन और भत्ते मिल पाएंगे।