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कर्मचारियों को पंजाब के बराबर न भत्ते मिले, न केंद्रीय वेतनमान

Mon, 03 Dec 2018 12:34 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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राज्य के पौने दो लाख कर्मचारियों को न पंजाब के बराबर भत्ते मिले और न ही केंद्रीय वेतनमान मिल पाए हैं। राज्य सरकार पंजाब के बराबर अपने कर्मचारियों को वेतनमान तो देती है, परंतु भत्तों के लिए बाध्य नहीं है। नई सरकार को एक साल पूरा होने वाला है, लेकिन अभी कर्मचारियों के लंबित मसलों को सुलझाने के लिए संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक नहीं बुलाई जा सकी है।

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पूर्व कांग्रेस सरकार ने पांच साल में सिर्फ एक जेसीसी बैठक बुलाई। इसे भी सिर्फ खानापूर्ति ही कहा जाएगा, क्योंकि इस दौरान कर्मचारियों के अधिकांश मसले सुलझ नहीं पाए थे। राज्य के पौने दो लाख सरकारी कर्मचारियों से जुड़े मसले सुलझाने को संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक हर तीन माह की अवधि में बुलानी अनिवार्य है। सरकार ने यह व्यवस्था महज इसलिए कर रखी है, ताकि कर्मचारियों के मुद्दे ज्यादा लंबे समय तक लटके न रहें।

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वेतनमान पंजाब का और भत्ते तय नहीं

सरकार लंबे समय से पंजाब की तर्ज पर वेतनमान तो देती रही है, लेकिन भत्ते पंजाब के बराबर कभी नहीं दिए गए। पंजाब में सरकारी नौकरी में तैनात पति-पत्नी दोनों को आवास भत्ता दिया जाता और हिमाचल में सिर्फ एक को आवास भत्ता दिया जाता है।

पंजाब में फिक्स मेडिकल भत्ता पांच सौ रुपये दिया जा रहा है, जबकि हिमाचल में यह भत्ता 100, 150 और तीन सौ है। इसके अलावा जनजातीय भत्ता देने की मांग की जाती रही है, जबकि पंजाब में यह नहीं दिया जाता। 

यह कहते हैं महासंघ तदर्थ समिति समन्वयक
हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ तदर्थ कमेटी समन्वयक विनोद कुमार कहते हैं कि प्रदेश के कर्मचारी केंद्रीय वेतनमान देने को राज्य सरकार पर दबाव बना रहे हैं। अगर ऐसी व्यवस्था होती है तो हिमाचल के कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर वेतन और भत्ते मिल पाएंगे।
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