हिमाचल स्टूडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने अपना मांगपत्र दिया है, जिनको आश्वस्त किया गया है। जिन संस्थानों ने डिग्री और डिप्लोमा रोके हैं, उसको लेकर भी संबंधित संस्थानों से बात की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के सभी पात्र बच्चों को दस्तावेजों के सत्यापन के बाद छात्रवृत्ति दी जा रही है। कुछ मामले लंबित हैं, लेकिन जल्द ही उनको भी स्कॉलरशिप की राशि जारी कर दी जाएगी। यह बात शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने विधायक राकेश सिंघा के एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में दी। कहा कि प्रदेश के हर पात्र विद्यार्थी को छात्रवृत्ति मिलेगी और इसके लिए प्रक्रिया जारी है। दावा किया कि निदेशालय में किसी की भी फाइल नहीं रुक सकती और किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो सकती।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ा छात्रवृत्ति घोटाला हुआ है जिसमें सीबीआई की जांच चल रही है। हिमाचल स्टूडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने अपना मांगपत्र दिया है, जिनको आश्वस्त किया गया है। जिन संस्थानों ने डिग्री और डिप्लोमा रोके हैं, उसको लेकर भी संबंधित संस्थानों से बात की जाएगी। एससी, एसटी व ओबीसी के 48613 लाभार्थियों को लाभ दिया गया है।वर्ष 2018-19 से लेकर 2020-21 तक 30 करोड़ 23 लाख 18 हजार की राशि छात्रवृत्ति के रूप में दी गई है। करीब साढ़े तीन सौ करोड़ का घोटाला हुआ है जो पूर्व सरकार के समय में चलता रहा है। जयराम सरकार के सामने जब यह विषय आया तो विभागीय जांच कराने के बाद सीबीआई को जांच दे दी गई। वर्तमान में केंद्रीय पोर्टल की मदद से पात्र विद्यार्थियों को उनके आधार लिंक खातों में छात्रवृत्ति दी जा रही है।