डैहर में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल।
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राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा है कि मानवता की सेवा से बढ़कर कोई ईश्वरीय कार्य नहीं है। सेवा ऐसा भाव है जिसे करने वाला भी सुख पाता है और जिसकी सेवा की जाती है वह भी सुख पाता है। यह बात उन्होंने सुंदरनगर के डैहर में दिव्य मानव ज्योति सेवा ट्रस्ट के दौरे के दौरान सोमवार को कही। राज्यपाल बनने के बाद वह पहली बार मंडी पहुंचे और सबसे पहले उन्होंने न्यास का दौरा किया और वहां अनाथ बच्चों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आज 73 बच्चों का भरण पोषण एवं शिक्षण का कार्य अपने भवन में ही कर रहा है। पात्र बच्चियों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवा रहा है।उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे बहुत से बच्चे हैं जो पैसे की कमी के कारण अपनी उच्च शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा पूरी नहीं कर पाते।
वे अपनी शिक्षा पूरी कर सकें और फीस से लेकर उनकी अन्य आवश्यकताएं पूरी हो, इस दिशा में न्यास प्रशंसनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थानों को और बढ़ावा मिलना चाहिए। राज्यपाल ने सुंदरनगर स्थित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा विशेष बच्चों के लिए चलाए जा रहे संस्थान का दौरा भी किया। उन्होंने पैरा ओलम्पिक में पदक जीतने वाली संस्थान की दो छात्राओं को सम्मानित भी किया। राज्यपाल ने जिला रेडक्रॉस के माध्यम से सुंदरनगर में संचालित डायलिसिस यूनिट का भी दौरा किया तथा वहां उपचाराधीन रोगियों से बातचीत की। इसके उपरांत भंगरोटू स्थित बल्ह वैली कल्याण सभा वृद्धाश्रम का दौरा किया। वृद्धाश्रम में करीब 22 वृद्ध रह रहे हैं। राज्यपाल ने 19 वृद्धों को जिला रेडक्रॉस के माध्यम से सहायता भी भेंट किए। इस मौके पर विधायक राकेश जंवाल, पुलिस अधीक्षक सौम्या सांबशिवन, अतिरिक्त उपायुक्त निवेदिता और एसडीएम धर्मेश रामोत्रा उपस्थित रहे।
एक टीबी मरीज को गोद लेंगे राज्यपाल
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इस पर केंद्र और प्रदेश सरकार सक्रियता से कार्य कर रही है। पहले भी एक सांसद के तौर पर उन्होंने टीबी के मरीज को गोद लिया था। अब हिमाचल में भी वह टीबी के मरीज को गोद लेकर इसके उन्मूलन पर कार्य कर हिमाचल को पूरी तरह से टीबी मुक्त करने के प्रयास को आगे बढ़ाएंगे।