राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर
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जिला बिलासपुर में बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भारत माता की प्रतिमा का अनावरण और युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने प्रदेश के सबसे ऊंचे (40 मीटर) राष्ट्रीय ध्वज को भी फहराया। राज्यपाल ने कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की याद में हर जिले में युद्ध स्मारक बनाए जाने चाहिए, ताकि भावी पीढ़ी उनसे प्रेरणा ले सके और हम उनके प्रति आभार भी व्यक्त कर सकें। हमारे वीर जवान सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं और हर समय समर्पण भाव के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं, जिस कारण इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन संभव हो पाता है।
एक ईंट शहीद के नाम अभियान के संयोजक संजीव राणा ने राज्यपाल का स्वागत किया और युद्ध स्मारक के बारे में विस्तृत जानकारी दी। राज्यपाल ने शहीद परिवारों को सम्मानित किया। वहीं, एक ईंट शहीद के नाम अभियान टीम के सदस्यों को भी सम्मानित किया। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अभियान से जुड़े सदस्यों ने इस विचार को मूर्तरूप दिया है और वे सभी प्रशंसा के पात्र हैं। समाज के लिए समर्पित और काम करने वाले लोगों से सीख लेने की आवश्यकता है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए किस्मत कुमार ने राज्यपाल का स्वागत किया। कहा कि आज का दिन सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन 1919 में पंजाब के जलियांवाला बाग में अंग्रेजों ने नरसंहार किया था और राष्ट्र की खातिर 1000 से अधिक लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने कहा कि एक ईंट शहीद के नाम अभियान हमारी भावनाओं से जुड़ा है और शहीदों को समर्पित है। अभियान के प्रांत संयोजक सूबेदार मेजर प्रेम सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।