हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत वीरवार को बगैर किसी गतिरोध के हुई। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मंत्रोच्चारण के साथ अपना अभिभाषण शुरू किया। ये अभिभाषण पिछले दो बजट सत्रों से हटकर था। इस बार राज्यपाल ने बिना किसी गतिरोध के अपना अभिभाषण पूरा किया।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत जैसे ही 11 बजकर चार मिनट पर प्रदेश विधानसभा में प्रविष्ट हुए तो राष्ट्रगान के साथ इस सत्र की शुरुआत हो गई। उन्होंने मंत्रोच्चारण ‘असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मामृतमगमय। ऊं शांति!’ के उच्चारण के साथ अपने अभिभाषण को शुरू किया।
राज्यपाल ने इस मौके पर 80 बिंदुओं का अभिभाषण पढ़ा। इस अभिभाषण में उन्होंने सरकार की कई उपलब्धियों को गिनाया। ये उल्लेखनीय है कि दो साल पूर्व तत्कालीन राज्यपाल उर्मिला सिंह के अभिभाषण के दौरान भाजपा ने सत्ता पक्ष के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुद्दे पर खूब हंगामा किया था।
पिछले बजट सत्र में भी तत्कालीन राज्यपाल कल्याण सिंह ने पूरा अभिभाषण न पढ़कर कुछ पंक्तियां ही पढ़ी थीं। इस बार लगभग एक घंटे तक राज्यपाल का ये अभिभाषण निर्बाध तरीके से चलते रहा। राष्ट्रगान के साथ ही राज्यपाल के अभिभाषण का समापन हो गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही थोडे़ समय के टल रही।
लगभग साढे़ 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले स्पीकर ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों से अपील की कि वे विधानसभा के संचालन को नियमानुसार सुचारु रूप से चलने दें। गंगथ के पूर्व विधायक देसराज के
देहांत पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल, स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल सहित कई विधानसभा सदस्यों ने शोक जताया। पठानकोट और जम्मू-कश्मीर में उग्रवादियों का मुकाबला करते हुए सैनिकों के शहीद होने पर भी शोेक जताया गया।
किसानों और आम लोगों को विज्ञान से जोड़ेगी सरकार- किसानों और आम लोगों को विज्ञान से जोड़ने के लिए हिमाचल सरकार एक केंद्र की स्थापना कर रही है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा है कि विज्ञान के रहस्योद्घाटन, आम लोगों, किसानों को विज्ञान और इसके प्रयोग के बारे में जागरूक करने के लिए हिमाचल में एक विज्ञान, अध्ययन और रचनात्मकता केंद्र को स्थापित किया जाएगा।
राज्यपाल ने ये जानकारी वीरवार को प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में अपने अभिभाषण में दी। उन्होंने कहा कि राज्य में 3000 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को विभिन्न फलों की खेती के तहत लाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 800 हेक्टेयर क्षेत्र को पुष्पोत्पादन के तहत लाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 25 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए नाबार्ड को 543.43 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) सौंपी गई है। नाबार्ड ने 92 सड़कों और 15 पुलों के लिए 385.62 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। विधायक प्राथमिकता योजना के तहत प्रत्येक विधायक को सालाना 75 लाख रुपये आवंटित किए जा रहे हैं।
वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत वानरों को नाशक जीव घोषित करने और इनका निर्यात करने का मामला प्रभावशाली तरीके से भारत सरकार से उठाया गया है। प्रदेश में पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष पर्यटकों की संख्या में 8.98 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम पायलट परियोजना को तीन जिलों में सफलतापूर्वक किया गया है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर इस बार 306.43 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रदेश के आवासहीन लोगों की आवासीय जरूरतें पूरा करने के लिए राजीव गांधी आवास योजना के तहत 2,128 आवास मंजूर किए गए हैं। शिमला के निकट मशोबरा में 6.16 करोड़ रुपये की लागत से लड़कियों के लिए मॉडल चिल्ड्रन होम बनाया जा रहा है। सरकार ने 21 नए प्राथमिक विद्यालय खोले हैं।
इस वित्तीय वर्ष में 49 प्राथमिक पाठशालाओं को माध्यमिक पाठशाला, 92 माध्यमिक पाठशालाओं को उच्च पाठशाला और 58 उच्च पाठशालाओं को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के रूप में स्तरोन्नत किया गया है। सरकार ने शिक्षकों और गैर शिक्षकों के 535 पद भरे हैं।
महात्मा गांधी वर्दी योजना के तहत 7,31,122 विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए 52 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग में पैरामेडिकल स्टाफ के 512 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। सरकार के निरंतर प्रयासों से इस वर्ष खाद्यान्नों और सब्जियों का उत्पादन 16.19 लाख और 14.80 लाख टन होने का अनुमान है।
राज्यपाल ने शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई पंचायती राज संस्थाओं की चुनावी प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये गौरव का विषय है कि राज्य में पंचायती राज संस्थानों के कुल प्रतिनिधियों में 58 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है।