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31 लाख लेने के बाद एमसी ने नहीं बिछाई पाइप लाइन

Thu, 25 Feb 2016 11:58 PM IST
सुमित ठाकुर/अमर उजाला, शिमला
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कमला नेहरू अस्पताल में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए तैयार की गई योजना नगर निगम की लापरवाह रवैये से अधर में लटक गई है। अस्पताल में आए दिन पानी की किल्लत से मरीज और चिकित्सक जूझते हैं। अस्पताल में संक्रमण का खतरा पैदा होता है, जो मरीजों की जान पर भारी पड़ता है।
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प्रबंधन की ओर से पानी के टैंकर भी मंगवाए जाते हैं। समस्या को दूर करने के लिए केएनएच की ओर से नगर निगम को एक प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें संजौली में पानी के टैंक से एक लाइन केएनएच तक सीधी जोड़ी जानी थी। नगर निगम की ओर से पानी की पाइप लगाने के लिए 31 लाख का एस्टीमेट दिया गया और यह कहा गया कि पैसा जमा होने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।

केएनएच की ओर से पैसा जमा करवा दिया गया उसके बाद नगर निगम ने उनसे कहा कि इस पर और खर्चा आएगा। इसके लिए 21 लाख और जमा करने के लिए कहा गया। अस्पताल की ओर से आग्रह किया गया कि यह पैसा भी दे दिया जाएगा, काम शुरू किया जाना चाहिए। केएनएच यहां नगर निगम की मदद से एक लाख लीटर क्षमता के टैंक का निर्माण भी करवा रहा है जिसमें पानी स्टोर रह सके।
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अस्पताल में जल भंडारण टैंक बनने के बाद अस्पताल आने वाली सैकड़ों महिलाओं को पानी की समस्या से नही जूझना पड़ेगा। अस्पताल में चौबीस घंटे पानी की सप्लाई चालू रहेगी। अस्पताल में नए भवन का कार्य जोरों पर है। ऐसे में अस्पताल में बिस्तरों की संख्या भी बढ़ेगी।

अस्पताल में आए दिन पानी खत्म होने के कारण मरीजों तथा उनके तीमारदारों को परेशान होना पड़ता है। अस्पताल में रोजाना बीस से पच्चीस ऑपरेशन होते हैं, ऐसे में पानी की जरूरत सबसे ज्यादा लेबर रूम में रहती है। कई बार ऐसी भी नौबत आ चुकी है कि ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों को हाथ धोने के लिए भी सीमित पानी से ही गुजारा करना पड़ता।

कमला नेहरू अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एलएस चौधरी ने बताया कि नगर निगम की ओर से बताई गई सभी औपचारिकताओं को पूरा किया है, लेकिन अभी तक टैंक निर्माण का कार्य शुरू नही हो पाया है।

नगर निगम के सह आयुक्त प्रशांत सरकैक ने बताया किया अस्पताल के लिए संजौली से अलग पाइप लाईन बिछाई जाएगी। उसके लिए टेंडर हो चुका है, लेकिन जहां तक टैंक बनाने का काम है वह तो अस्पताल प्रशासन ही तय करेगा कि किससे उन्होंने किस विभाग से टैंक का निर्माण कार्य करवाना है। टैंक के बनते ही वह संजौली टैंक से पानी का कनेक्शन दे देंगे। -प्रशांत सरकैक, सहायक आयुक्त, नगर निगम शिमला
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