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हिमाचल में खुले सरकारी दफ्तर, पशु औषधालय, आईजीएमसी की ओपीडी

Thu, 16 Apr 2020 06:14 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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आईजीएमसी की ओपीडी में मरीजों का चेकअप करते डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल सरकार ने लॉकडाउन-2.0 में ढील देनी शुरू कर दी है। गुरुवार को राज्य सचिवालय शिमला में करीब एक दर्जन अधिकारी पहुंचे और उन्होंने जरूरी काम निपटाए। कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा भी सचिवालय में नजर आए। उन्होंने भी विभाग की कई आवश्यक फाइलें निपटाईं। प्रदेश सरकार ने बड़े पशु औषधालय भी खोल दिए हैं। राज्य के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में बाहर से रेफर मरीजों के लिए ओपीडी शुरू हुई और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मरीजों का उपचार किया।

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ज्वालामुखी नागरिक अस्पताल में भी ओपीडी शुरू की गई। बंद स्कूलों-कॉलेजों के लाखों विद्यार्थियों के लिए व्हाट्सऐप और वर्चुअल क्लासरूम से पढ़ाई शुरू हो गई है। दूरदर्शन का डीडी शिमला चैनल शुक्रवार से बच्चों को पढ़ाएगा। पराला सब्जी मंडी भी खुलने से किसानों-बागवानों को राहत मिलेगी। इसके अलावा सीमेंट और जरूरी उद्योगों के अलावा मनरेगा कार्य भी जल्द शुरू हो जाएंगे।

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हिमाचल प्रदेश सचिवालय में गुरुवार को हलचल रही। मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची और अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान के अलावा कई प्रशासनिक सचिव भी कार्यालय में बैठे नजर आए। राज्य सचिवालय के एलर्जली भवन शिमला में मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू बैठे।



यहां प्रधान सचिव विधि यशवंत सिंह चोगल बैठे। आर्म्सडेल भवन में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा एवं वन राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय सचिव निशा सिंह, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग देवेश कुमार समेत कई प्रमुख अधिकारी बैठे। सचिवालय में सचिवों के साथ विभागीय शाखाओं के प्रभारी अधिकारी संयुक्त सचिव, अतिरिक्त सचिव और कई उपसचिव और विभागाध्यक्ष अपने कार्यालय में मौजूद रहे। 


जिला न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी सुनवाई
जिला न्यायालय चक्कर शिमला में वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई होगी। लॉकडाउन के दूसरे भाग के तहत हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने गुरुवार को निचली अदालतों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के तहत सुनवाई के निर्देश दिए हैं। जिला न्यायाधीश मेल आईडी जारी करके ऑनलाइन काम शुरू करेंगे और अधिवक्ता ऑनलाइन याचिका या शिकायत दर्ज करेंगे। सिर्फ महत्वपूर्ण मामलों की ही सुनवाई होगी और कम से कम कार्यालय कर्मचारियों के साथ अगर जरूरी हुआ तो कोर्ट लगेगी।



शिक्षा निदेशालय में बैठे ये लोग
शिक्षा निदेशालय में गुरुवार को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जमवाल और समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली ने आवश्यक कामकाज निपटाया। तीनों अधिकारियों ने घर बैठे बच्चों की पढ़ाई के लिए अभियान को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग से जिलाधिकारियों से चर्चा की। इनके अलावा कुछ अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।
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