मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए सहकारी बैंक को प्रमुख बैंक बनाने का निर्णय लिया है। सरकार 250 किलोवाट से 2 मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। उत्पादित बिजली हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटेड की ओर से खरीदी जाएगी। बैंक इन योजनाओं में उदारतापूर्वक ऋण प्रदान करेंगे।
इन ऋणों की संप्रभु गारंटी राज्य सरकार की ओर से प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभिन्न बैंकिंग सेवाओं के डिजिटलीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक का उपयोग कर ग्राहकों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए बैंकों को डिजिटल तकनीक से लैस किया जा रहा है। सहकारी बैंकों की कार्य पद्धति को विस्तार देने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा अगले छह माह में कई बड़े सुधार लागू किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों का इन बैंकों पर विश्वास बढ़ा है। आजीविका अर्जन के लिए बैंकिंग सुविधाओं का समुचित उपयोग कर रहे हैं। सरकार प्रदेश में सहकारी बैंकों को हरसंभव सहायता प्रदान कर उन्हें सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे उपभोक्ताओं को सर्वोत्तम बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवा सकें। ग्रामीण आबादी की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सहकारी बैंकों को किसानों को उदार ऋण प्रदान करने के लिए अग्रणी कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और राजस्व सृजन में पर्यटन क्षेत्र प्रमुख भूमिका निभाता है। राज्य सरकार प्रदेश में हरित उद्योग को बढ़ावा दे रही है। इस वर्ष सरकार हरित उद्योग पर 4,000 करोड़ रुपये व्यय करने जा रही है, जो राज्य में पर्यटकों की आमद को बढ़ाने में मील पत्थर साबित होगा। सुक्खू ने यह जानकारी एशियन विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से राज्य में चल रही विकासात्मक परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने अधिकारियों को पर्यटन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से वर्तमान राज्य सरकार इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। प्रदेश सरकार की ओर से पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन प्रदान करने और पर्यटकों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए भविष्य में भी प्रभावी उपाय किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पौंग बांध में साहसिक पर्यटन गतिविधियां आरंभ करने के लिए 70 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, विधायक चंद्रशेखर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार, सचिव शिक्षा डॉ. अभिषेक जैन, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक अमित कश्यप इस दौरान मौजूद रहे।