शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने रहे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। लेखक संघ की प्रदेश इकाई की ओर से गेयटी थियेटर में मुशायरा और काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान गजलकार सुमित राज के संग्रह घर बनाऊं कि फिर किताब लिखूं का लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम में हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के साहित्यकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतिष्ठित साहित्यकार सुरेश सेठ ने की। कार्यक्रम की शुरुआत सुमित राज के गजल संग्रह के लोकार्पण हुई। इस सत्र में आठ साहित्यकारों ने पुस्तक की साहित्यिक गुणवत्ता की सराहना की। इनमें सुरेश सेठ, श्रीनिवास जोशी, आत्म रंजन और जितेंद्र परवाज प्रमुख थे। वक्ताओं ने पुस्तक की समकालीन संवेदनाओं की अभिव्यक्ति को सराहा। इसके बाद सुमित राज ने अपनी रचनात्मक यात्रा और लेखन प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। पहले सत्र का संचालन कथाकार और कवयित्री रोमिता शर्मा ने किया।
दूसरे सत्र में गजलों और कविताओं का पाठ हुआ। मंच पर आत्म रंजन, जितेंद्र परवाज, विद्या निधि छाबड़ा, केआर भारती, सुमित राज और कुलदीप शर्मा मौजूद रहे। इस काव्य गोष्ठी में अनेक कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाई। इस दौरान नरेंद्र शर्मा और ऊना के वरिष्ठ कवि कुलदीप शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। हरियाणा से गजलकार जितेंद्र परवाज भी विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में विद्या निधि छाबड़ा और हिमाचल प्रदेश भाषा अकादमी के पूर्व सचिव कर्म सिंह सहित अन्य कवि और लेखक मौजूद रहे। दूसरे सत्र का संचालन अजय विचलित ने किया जबकि केआर भारती ने समापन संबोधन दिया।