ओपीडी में हर रोज आ रहे हैं 70 से अधिक मरीज, बुजुर्गों को लाइनों में नहीं खाने पड़ रहे धक्के
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बुजुर्गों के रोगों के लिए तैनात किए हैं विशेष प्रशिक्षित चिकित्सक अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राजधानी के दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल में जेरियाट्रिक मेडिसिन ओपीडी (स्पेशल) बुजुर्गों के लिए वरदान साबित हो रही है। बुजुर्गों के लिए खोली गई इस ओपीडी में सुबह साढ़े नौ से अंतिम मरीज तक सेवाएं दी जा रही हैं।
सर्दियों की छुट्टियां समाप्त होने के बाद इस ओपीडी में उपचार करवाने आने वाले बुजुर्गों का आंकड़ा 70 पार कर रहा है। पीली पर्ची बनवाने के बाद बुजुर्ग मरीजों को अब अलग-अलग ओपीडी में चक्कर काटने से निजात मिली है। इसमें काउंसलिंग, फिजियोथैरेपी की सुविधा भी दी जा रही है। एमडी डॉ. विनोद गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में आने वाले आधे वो बुजुर्ग हैं जो आम वृद्धावस्था की बीमारियों शूगर, ब्लड प्रेशर, जोड़ों के दर्द, श्वास संबंधित रोगों से पीड़ित हैं और उन्हें नियमित उपचार की आवश्यकता होती है। इसके अलावा सीजन में होने वाले रोगों सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित मरीजों के अलाव बुढ़ापे में भूलने जैसी बीमारियों के रोगियों का भी उपचार ओपीडी में किया जाता है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि शिमला शहर के अलावा, सोलन और प्रदेश के अन्य जिलों से भी मरीज अब इस ओपीडी में आने लगे हैं। जेरियाट्रिक मेडिसिन की इस ओपीडी में बुजुर्गों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने, देखभाल करने के साथ उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
काउंसलिंग की भी की जा रही व्यवस्था : डॉ. विनोद
डॉ. विनोद ने बताया कि बुजुर्गों के उपचार के साथ ही उनका जीवन के प्रति नजरिया सकारात्मक बना रहे, इसके लिए उनकी विशेष काउंसलिंग की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब बिना परिजनों की मदद से भी रूटीन के बुजुर्ग मरीज उनके पास बेरोकटोक आने लगे हैं। इसमें यही प्रयास रहता है कि बुजुर्ग किसी पर निर्भर न रहें, अपने स्वास्थ्य और रोगों के उपचार को लेकर स्वयं सजग हों। सुबह साढ़े नौ बजे से लेकर पांच बजे तक ओपीडी में मरीजों को देखने और उनका उपचार करने का कार्य किया जाता है।