मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से अधिकारियों को फटकार के बाद राजधानी शिमला में शुक्रवार शाम से ही पानी की सप्लाई दुरुस्त हो गई। जनता को शुक्रवार शाम और शनिवार सुबह करीब दो घंटे तक पानी की सप्लाई दी गई है।
बिजली विभाग ने जहां बिजली कट नहीं लगाया वहीं, निगम और आईपीएच ने भी पानी की पूरी सप्लाई दी। छोटा शिमला जोन और कसुम्पटी, न्यू शिमला के क्षेत्रों में कई दिनों बाद आपूर्ति नियमित हुई है। पहले कम पंपिंग का बहाना बनाने वाले आईपीएच ने शनिवार सुबह शहर को 40 एमएलडी पानी दिया।
यह अब तक की अधिकतम जलापूर्ति है। पीक आवर्स में बिजली कट लगाने वाले बिजली बोर्ड ने भी कट नहीं लगाया। शुक्रवार शाम से पेयजल योजनाओं में पंपिंग प्रभावित नहीं हुई है। बिजली बोर्ड ने मरम्मत के कार्य भी टाल दिए हैं।
एक महीने से परेशान थी जनता
पिछले करीब एक महीने से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था ध्वस्त थी। जल का कोई संकट नहीं। बारिश के कारण खड्डों में अतिरिक्त पानी है। अमर उजाला ने अफसरों की बहाने बाजी की पोल खोली। कहा था अगर आईपीएस और बिजली विभाग की तरफ से लापरवाही न हो तो पानी की किल्लत नहीं होगी।
‘अमर उजाला’ की खबरों पर संज्ञान लेने के बाद ही सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की मंत्री विद्या स्टोक्स ने अफसरों की क्लास ली थी। पर कोई असर नहीं हुआ। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अफसरों की जब क्लास ली तो सब ठीक हो गया।