मंगलवार देर रात से लाहौल और कुल्लू घाटी में मौसम खराब होने से रोहतांग दर्रे समेत लाहौल-स्पीति, चंबा की ऊंची पहाड़ियों में बर्फबारी हुई है। रोहतांग में दस सेंटीमीटर और लाहौल की चोटियों पर तीन से पांच सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी हुई है। ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव जलाना शुरू कर दिया है।
मौसम के बदलते तेवर से बीआरओ के साथ लाहौल के किसान-बागवानों की चिंता बढ़ गई है। बीआरओ को रोहतांग बहाल करने में लिए अभी करीब 50 किलोमीटर सड़क से बर्फ हटाने का कार्य शेष है।
गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई
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तेज हवाओं से ऊना के एमसी पार्क में स्थापित तिरंगे को भी क्षति पहुंची है। प्रदेश में कई क्षेत्रों में शाम को अंधड़ चलने से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। कई जगह काटी गई गेहूं तूफान से बिखर गई।
इसके अलावा आम और लीची को भी नुकसान हुआ है। फलदार पौधों के फूल झड़ने से फसल की पैदावार प्रभावित होगी। इससे बागवानों और किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। तूफान से सेब के पौधों को भी नुकसान पहुंचा है।