प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से दसवीं कक्षा के सात लाख बच्चों को मुफ्त वर्दी देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बीते साल की देरी से सबक लेते हुए शिक्षा विभाग ने इस साल मुस्तैदी दिखाते हुए आधे शैक्षणिक सत्र में ही वर्दी आवंटन का काम शुरू कर दिया है।
बीते दो दिनों के दौरान दो लाख बच्चों को वर्दी का आवंटन कर दिया गया है। स्कूली बच्चों को एक साथ वर्दी के दो-दो सेट दिए जा रहे हैं। लड़कियों को सलवार-कमीज का कपड़ा और लड़कों का पेंट-कमीज का कपड़ा दिया जा रहा है।
वर्दी की सिलाई के लिए अलग से प्रति बच्चे को 200 रुपये दिए जा रहे हैं। शिमला, चंबा, किन्नौर और लाहौल स्पीति जिला के अधिकांश स्कूलों में वर्दी का आवंटन हो गया है। शेष जिलों में सप्लाई पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।
शिक्षा विभाग ने खाद्य आपूर्ति निगम के माध्यम से स्कूल वर्दी का टेंडर किया था। गुजरात की कंपनी को वर्दी मुहैया करवाने का काम सौंपा गया है। शिक्षा विभाग ने पहली से दसवीं कक्षा के 3,51,334 लड़कों और 3,58,163 लड़कियों को वर्दी देने का आर्डर कंपनी को दिया है।