इसके बावजूद देश इस बीमारी से अभी भी जूझ रहा है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक दक्षिण पूर्व एशिया के कुल मलेरिया मामलों में 77 प्रतिशत के आसपास के मामले भारत में ही आते हैं। जिसमें सबसे ज्यादा गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर के प्रदेश शामिल हैं।
इसके अलावा अन्य प्रदेशों में भी मलेरिया के मामले आते हैं, लेकिन उसकी संख्या कम रहती है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी राजेश गुलेरी ने कहा कि राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम में मरीजों को निशुल्क उपचार करने की निर्देश मिले हैं। इस कार्यक्रम को पूरे जिले में लागू किया जाएगा। मलेरिया रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।