बसों में आरएफआईडी आधारित इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग प्रणाली स्थापित होगी, जिससे डिजिटल सत्यापन किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और योजना में पारदर्शिता आएगी। योजना के तहत हिमाचल के वास्तविक निवासी ही बस संचालन के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदक की आयु 25 से 50 वर्ष होनी चाहिए और उसके पास तीन वर्ष पुराना हैवी ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य है। रोजगार कार्यालय में पंजीकृत युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी, तथा चयन पारिवारिक वार्षिक आय के आधार पर होगा। लाभार्थी बैंक का डिफाल्टर न हो और आरटीओ ड्राइविंग टेस्ट उत्तीर्ण करे। सरकार इलेक्ट्रिक बसों पर 50 फीसदी और डीजल बसों पर 30 फीसदी सब्सिडी प्रदान करेगी।