परिषद में इस मामले को मंजूरी के लिए रखे जाने से पूर्व अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ममता मोक्टा, चीफ वार्ड प्रो. आरएल जिंटा और एक अन्य सदस्य की तीन सदस्यीय कमेटी ने इस योजना के में निशुल्क छात्रावास सुविधा दिए जाने के लिए आवश्यक गाइडलाइन और नियम बनाने की प्रक्रिया पूरी की है। छात्रावासों में कुल आठ सीटें चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के लिए आरक्षित रखी जाएंगी। मेरिट के आधार पर आवंटित किया जाएगा।
आरक्षित की गई इन सीटों में दो सीटें पीएचडी शोधार्थियों, इनमें एक छात्र और एक छात्रा, जबकि छह अन्य सीटों में तीन छात्र और तीन छात्राओं को सीटें अन्य पीजी डिग्री कोर्स के विद्यार्थियों को आवंटित की जाएंगी। विवि के चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र-2024 से ही सरकार की सुखाश्रय योजना में चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट श्रेणी में आने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों को तय अनुपात में आठ सीटें आवंटित की जाएंगी।
यह सुविधा उन्हें निशुल्क
प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए बनाए गए नियम और ईसी से मिली मंजूरी की अधिसूचना जल्द जारी होगी। इसके बाद सीटों के लिए नए सत्र में आवेदन और आवंटन की पूरी प्रक्रिया से छात्रों और विभागों को अवगत करवा दिया जाएगा। ऐसे छात्र स्वयं छात्रावास के लिए आवेदन करते हुए प्रमाण पत्र के साथ विभागों के माध्यम से आवेदन करेंगे। मेरिट के आधार पर ही इन आठ सीटों को आवंटित किया जाएगा।