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नगर निगम में ओवरटाइम के नाम पर घपला होने का अंदेशा

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शिमला। नगर निगम में हर माह ओवरटाइम के नाम पर बड़ा घपला होने का अंदेशा है। सैहब सोसायटी के कर्मचारियों ने नगर निगम को ओवरटाइम की जो लिस्ट सौंपी है, वह चौंकाने वाली है। इन 38 कर्मचारियों में कई ऐसे हैं जिन्होंने ड्यूटी के अलावा रोजाना 200 से ज्यादा घरों से कूड़ा उठाने का दावा करते हुए ओवरटाइम मांगा है। इनकी तनख्वाह दस हजार से कम है लेकिन ओवरटाइम 12 से 15 हजार बन रहा है।
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खुद सैहब सोसायटी के अध्यक्ष ने अपनी रूटीन ड्यूटी के अलावा 170 घरों से कूड़ा उठाने का ओवरटाइम देने की मांग की है। निगम प्रशासन ने जब कर्मचारियों की ओर से दिया गया रिकॉर्ड चेक किया तो बड़ी गड़बड़ी सामने आई। सूत्रों के मुताबिक जिस वार्ड में 1200 घरों के लिए 11 कर्मचारी तैनात हैं, वहां कर्मचारी क्यों और कैसे 200 से ज्यादा घरों से कूड़ा उठा रहे हैं। कर्मचारियों की ओर से दिया गया ओवरटाइम का रिकॉर्ड निगम के गले नहीं उतर रहा। हड़ताल की चेतावनी के बाद निगम ने इन्हें ओवरटाइम का आधा पैसा तो जारी कर दिया है, लेकिन बाकी पैसा जारी करने से पहले कर्मचारियों से रिकॉर्ड मांगा है।
एक घर के बदले तीन रुपये
सैहब कर्मचारी रोज 100 से 120 घरों से कूड़ा उठाते हैं। इसके बाद जो बाकी घरों से कूड़ा उठाते हैं, निगम उन्हें प्रति उपभोक्ता तीन रुपये ओवरटाइम देता है। इसके अलावा जिन वार्डों में कर्मचारी कम और घर ज्यादा हैं, वहां निगम ओवरटाइम दे रहा है। निगम को अंदेशा है कि कई कर्मचारी ज्यादा घरों से कूड़ा उठाने का दावा कर रहे हैं जबकि इनकी दी संख्या रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही। कई कर्मचारियों का रिकॉर्ड ठीक भी है और निगम इसका पैसा देने को तैयार है। ओवरटाइम के नाम पर हर माह पैसों की बर्बादी को लेकर निगम खुद भी सवालों के घेरे में हैं। नई भर्ती करने पर निगम को ओवरटाइम से कम पैसा खर्च करना पड़ेगा।
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देना होगा ओवरटाइम का रिकॉर्ड
निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेखा चोपड़ा ने कहा कि कर्मचारियों को ओवरटाइम का पैसा जारी कर दिया है। साथ ही इन्हें रिकॉर्ड देने को कहा है। कर्मचारियों को बताना होगा कि किसने, कहां और किन-किन घरों से कूड़ा उठाया है।
सही दिया है रिकॉर्ड : सिंह
अध्यक्ष सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन जसवंत सिंह ने कहा कि कर्मचारियों ने ओवरटाइम का सही रिकॉर्ड दिया है। कई वार्डों में तैनात सैहब कर्मचारी कागजों में तो गारबेज कलेक्टर हैं, लेकिन वह चालक का काम कर रहे हैं। इनके एरिया में कई कर्मचारी एक्सट्रा काम करते हैं। इसलिए घरों का आंकड़ा 150 से 200 हो रहा है।
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