राजधानी शिमला में टैक्सी फॉर श्योर के नाम पर लोगों के साथ जमकर फ्रॉड हो रहा है। सस्ती टैक्सी सेवा के नाम पर कंपनी लोगों विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डाल रही है। कंपनी की ओर से उपलब्ध करवाई गई टैक्सी में महिला से दुर्व्यवहार की घटना ने टैक्सी फॉर श्योर की सेवा पर सवालिया निशान लगा दिया है।
बुधवार को टैक्सी फॉर श्योर के माध्यम से शहर की एक महिला ने टैक्सी बुक की थी। महिला को कंपनी ने मेसेज कर जिस टैक्सी की जानकारी दी थी उसके स्थान पर दूसरी ही गाड़ी भेज दी। इस गाड़ी में टैक्सी ड्राइवर ने महिला के साथ दुर्व्यवहार किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन विभाग अब कंपनी को नोटिस जारी करने जा रहा है।
टैक्सी में महिला के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने के बाद वीरवार को परिवहन विभाग ने शिकायतकर्ता और टैक्सी संचालक को सुबह साढ़े दस बजे आरटीओ आफिस बुलाया और दोनों पक्षों के बयान लिए।
असिस्टेंट मैनेजर मंजू शाह शर्मा से सीधे सवाल
सवाल : टैक्सी सेवा परिवहन विभाग के पास पंजीकृत क्यों नहीं है?
जवाब : यह आईटी कंपनी है, बैंगलोर में पंजीकृत है। टैक्सियां कंपनी की नहीं होती इसलिए पंजीकरण जरूरी नहीं है।
सवाल : सेवा शुरू करने को लेकर पुलिस को सूचित क्यों नहीं किया?
जवाब : पुलिस को सूचित करने की हमें कोई जरूरत नहीं। प्राइवेट टैक्सियों से सर्विस दी जाती है।
सवाल : टैक्सी आपरेटरों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?
जवाब : आपरेटरों को टैक्सी फॉर श्योर से डि-अटैच (अलग) कर दिया है।
सवाल : सवारियों से कैसा व्यवहार करें, ड्राइवर को यह नहीं सिखाया जाता?
जवाब : चंडीगढ़ से टीम आकर ड्राइवरों को ट्रेनिंग देती है। गाड़ी की भी जांच होती है।
सवाल : ड्राइवरों, गाड़ियों का रिकार्ड रखने की क्या व्यवस्था है?
जवाब : सेवा से जुड़ने वाले सभी ड्राइवरों और उनकी गाड़ियों का पूरा रिकार्ड क्षेत्रीय कार्यालय में रखा जाता है।
टैक्सी फॉर श्योर परिवहन विभाग के पास पंजीकृत नहीं है। इस सेवा के नाम पर लोगों से फ्रॉड की शिकायतें विभाग को मिल रही हैं। विभाग टैक्सी फॉर श्योर को नोटिस जारी करेगा। - प्रशांत देष्टा आरटीओ शिमला
परिवहन विभाग की ओर से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले से संबंधित सभी आरोपों की गहनता से जांच की जाएगी। - बलवीर जस्वाल डीएसपी सिटी
यह है पूरा मामला
कैथू में रहने वाली महिला ने टैक्सी फॉर श्योर से
बीसीएस से कैथू के लिए गाड़ी बुक की। टॉलैंड से आगे ड्राइवर मोबाइल का
इस्तेमाल करते हुए गाड़ी लापरवाही से चलाने लगा। महिला ने संभल कर गाड़ी
चलाने को कहा तो उसने दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। ड्राइवर ने महिला और
तीन वर्षीय बच्चे को कैथू के स्थान पर लैंडमार्क के पास ही जबरन गाड़ी से
उतार दिया और दुर्व्यवहार किया। महिला के पति नवीन आहूजा ने जब टैक्सी
ड्राइवर की शिकायत टैक्सी फॉर श्योर में करने की कोशिश की तो संतोषजनक
प्रतिक्रिया नहीं मिली।
परिवहन विभाग करे कार्रवाई : उपायुक्त
परिवहन
विभाग को बिना पंजीकरण काम कर रही टैक्सी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के
निर्देश दिए जाएंगे। कंपनी द्वारा भेजी गई गाड़ी में महिला के साथ
दुर्व्यवहार का मामला बेहद गंभीर है। पुलिस के माध्यम से इस मामले की भी
जांच करवाई जाएगी। -दिनेश मल्होत्रा, उपायुक्त