विकास की बात...
एक करोड़ रुपये से हो रहा निर्माण, फोरलेन के ऊपर से गुजरेगा ट्रैफिक
शिमला-चंडीगढ़ फोरलेन के फेज-3 का निर्माण कार्य जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शिमला-चंडीगढ़ फोरलेन के तीसरे चरण ढली-कैथलीघाट का काम धरातल पर उतरने लगा है। अब इस परियोजना के तहत डमेची के पास ओवरपास का निर्माण शुरू हो गया है। यह ओवरपास शिमला-जुन्गा सड़क के लिए तैयार किया जा रहा है।
इस ओवरपास के बनने से शिमला जुन्गा सड़क पर चलने वाले वाहन फोरलेन के ऊपर से गुजरेंगे। इसके लिए यहां फोरलेन के ऊपर करीब 24 मीटर लंबा ओवरपास बनाया जा रहा है। इसका काम जोरों से चल रहा है। इसके निर्माण पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। फोरलेन पर करीब 5.5 मीटर ऊंचे बनने वाले इस ओवरपास के लिए अभी पिलर का निर्माण किया जा रहा है। फोरलेन और जुन्गा सड़क के दोनों ओर पिलर बनाए जाएंगे। कंपनी ने डंगे लगाने भी शुरू कर दिए हैं। इसके बाद पहाड़ की कटिंग का काम शुरू किया जाएगा। कंकरीट और पियर से पिलर के आसपास नींव तैयार की जा रही है। इसके बनने से शिमला जुन्गा सड़क और फोरलेन पर चलने वाली गाड़ियां बिना किसी रुकावट के रवाना होंगी। ओवरपास के निर्माण के दौरान यहां कुछ दिन के लिए यातायात व्यवस्था भी बदली जाएगी। इसके लिए अलग सड़क बन रही है।
कोट
फोरलेन पर शिमला-जुन्गा सड़क के लिए ओवरपास बनाया जा रहा है। इसका काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही इसका काम पूरा किया जाएगा। -हर्षित वैद्य, साइट इंजीनियर, एनएचएआई
25 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा
एनएचएआई ने कैथलीघाट से ढली-मशोबरा जंक्शन तक के दो पैकेज में 30.96 हेक्टेयर भूमि पर फोरलेन निर्माण का 25 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है। 3970 करोड़ रुपये की परियोजना का 2026 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।
बाकी संपर्क सड़कों पर भी बनेंगे ओवर और अंडरपास
ढली से कैथलीघाट तक 28 किलोमीटर लंबे फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। कैथलीघाट से यह फोरलेन तारादेवी के नीचे से होते हुए बाघल गांव और फिर अश्वनी खड्ड पर 1100 मीटर लंबे पुल से होता हुआ ढली पहुंचेगा। इस दौरान सभी पुराने संपर्क मार्गों को बरकरार रखने के लिए ओवरपास, अंडरपास, पुल और सुरंगों का निर्माण किया जाएगा।