बिलासपुर जिले के झंडूता क्षेत्र के वांडा गांव के सिकंदर सिंह लेफ्टिनेंट बन गए हैं। बीते शनिवार को आईएमए एकेडमी देहरादून में हुई पासआउट परेड में उन्हें यह पद मिला। सिकंदर की प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल झंडूता से हुई है।
10वीं उत्तीर्ण करने के बाद सेना में भर्ती हो गए थे। वे इलाहाबाद में सिपाही पद पर कार्यरत थे। सिकंदर सिंह ने सेना में रहते जमा दो की परीक्षा उत्तीर्ण की। जिसके बाद वह स्पेशल आर्मी कमीशन का एक साल कोर्स करने बिहार के गया क्षेत्र में ट्रेनिंग ले रहे थे।
पहले चरण में सेना की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर उन्होंने लेफ्टिनेंट पद हासिल किया है। वे पंजाब के संगरूर में सेवाएं देंगे। सेना की ओर से सिकंदर ठाकुर को रजत पदक से सम्मानित किया गया।
लेफ्टिनेंट सिकंदर के पिता रतन सिंह भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं और माता गृहिणी हैं। उनकी शादी मंडी जिले के सरकाघाट की सुनीता चंदेल से हुई है। इनकी पांच साल की पुत्री भी है।
घुग्घर गांव के अभिषेक शर्मा सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। अभिषेक ने डीएवी पब्लिक स्कूल पालमपुर से दसवीं, डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ से जमा दो और चितकारा विवि बद्दी से इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की।
उनका 2017 में आईएमए में चयन हो गया। सैन्य अकादमी देहरादून में प्रशिक्षण लेने के बाद 8 दिसंबर को लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया। अब अभिषेक को सिग्नल कोर भोपाल में तैनात किया गया है।
अभिषेक के पिता रामरतन शर्मा भारतीय सेना की इंजीनियरिंग कोर से बतौर ऑनरेरी लेफ्टिनेंट पद से रिटायर हुए हैं। इनसे प्रेरणा लेकर ही अभिषेक शर्मा ने भारतीय सेना में जाने के फैसला लिया। अभिषेक की माता सुषमा शर्मा गृहिणी हैं।
जिला हमीरपुर की ग्राम पंचायत जंगलरोपा के हार गांव निवासी रजत सिंह ठाकुर सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। बेटे की इस उपलब्धि से परिजन और ग्रामीण खुश हैं। रजत सिंह ने आठवीं तक की शिक्षा लिली लिटल फ्लावर स्कूल नाल्टी में ग्रहण की।जबकि नौंवी से लेकर जमा एक तक की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नाल्टी में की।
इसके बाद जमा दो की शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर से हासिल करके हमीरपुर कॉलेज में बीएससी में प्रवेश लिया, लेकिन द्वितीय वर्ष में देश की सेवा करने के जज्बे से राजपूत रेजिमेंट में 2012 में बिलासपुर में लिपिक के पद पर भर्ती हुए। रजत सिंह भारतीय सेना अकादमी आईएमए से प्रशिक्षण पास करके शुक्रवार को पास आउट हुए हैं। पूरे सैन्य सम्मान के साथ रजत को सेना की वर्दी में देखने के लिए परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
रजन के पिता मदन ठाकुर प्रदेश शिक्षा विभाग में टीजीटी के पद पर सेवारत है और माता बबली ठाकुर गृहिणी हैं। रजत ने कहा कि दादा स्वर्गीय सीता राम ठाकुर ने देश की सेवा करने की प्रेरणा दी थी। उनका सपना था कि उनका पोता सेना में भर्ती हो। उन्होंने इसका श्रेय दादा, अभिभावकों और शिक्षकों को दिया है। रजत ठाकुर के लेफ्टिनेंट बनने पर उनके परिवार को प्रदेश टीजीटी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल, अखिलेश, जसवंत ठाकुर मेहर सिंह, अजीत सिंह, पवन रांगड़ा ने बधाई दी है।