हरोली के बाथड़ी औद्योगिक क्षेत्र में रविवार दोपहर करीब 12 बजे प्रवासी कामगारों की 40 झुग्गियां आग लगने से राख हो गईं। अग्निकांड में चार साल की मासूम बच्ची की जिंदा जलने से मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग झुलस गए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि आग से बचने को बच्ची बेड के नीचे छिप गई थी। आग लगने के बाद लोग उसे ढूंढते रहे, लेकिन देरी होने और आग विकराल होने से उसे बचा नहीं पाए। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।
पुलिस के अनुसार बाथड़ी में एक उद्योग के निकट बनी झुग्गियों में प्रवासी मजदूरों के करीब 40 परिवार रहते हैं। घटना के समय अधिकतर मजदूर खेतों में गेहूं काटने गए थे। आग लगने से संध्या (4) पुत्री कुंदन निवासी बेगुसराय (बिहार) की मौत हो गई।
आग इतनी विकराल थी कि बच्ची को बचाने में विकास पुत्र नरेश और नानखी मेहता पुत्र कार्तिक मेहतो निवासी चंदार झोली, बिहार झुलस गए। एसडीएम हरोली गौरव चौधरी, डीएसपी धनराज सिंह, नायब तहसीलदार महेंद्र राणा, एसएचओ रमन चौधरी और उद्योग विकास निगम के उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार ने भी मौके पर पहुंच कर घटना का जायजा लिया।
नायब तहसीलदार महेंद्र राणा ने मृतक मासूम के परिवार को दस हजार रुपये की फौरी राहत दी है। झुग्गियों में आग से करीब 40 प्रवासी परिवार पूरी तरह से प्रभावित हुए हैं।