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भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में बहे चार स्कूली छात्र, एक की मौत

Sat, 10 Sep 2016 08:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नालागढ़(सोलन)
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हिमाचल के नालागढ़ से बड़ी खबर आ रही है। यहां स्कूल से घर लौट रहे चार छात्र उफनते नाले (नदी) में बह गए। पुलिस के अनुसार बच्चों के शोर मचाने पर स्‍थानीय लोग यहां पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
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बाद में सभी को नाले से बाहर तो निकाल लिया लेकिन इनमें से एक बच्चे की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार यहां की दुर्गम पंचायत कोईडी के गांव कटलताल में चिकनी खड्ड के साथ मिलने वाले नाले में चार स्कूली बच्चे बह गए।

इस इलाके में भारी बारिश के कारण नदी नाले उफान पर थे और इसी के तेज बहाव में ये बच्चे बह गए। घायल तीनों बच्चे नालागढ़ अस्पताल में भर्ती है। गांव के लिए पुलिया ना होने के चलते ग्रामीण व बच्चे इसी नाले से होकर सड़क मार्ग तक पहुंचते हैं।
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स्कूल से घर लौट रहे थे सभी बच्चे

जानकारी के अनुसार नालागढ़ उपमंडल की पहाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश हुई जिसके चलते नदी नाले उफान पर आ गए। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना शुक्रवार शाम करीब 4 बजे का है। बच्चे स्कूल से घर की और आ रहे थे। उनके घर के नजदीक नाला पड़ता है। बच्चे इस नाले को पर कर रहे थे, तभी इसके तेज बहाव में बह गए।

पुलिस ने मृतक की पहचान चौथी कक्षा के साहिल उम्र 10 साल पुत्र ऊमाकांत निवासी गांव कट्टल के रूप में की है। जबकि तीन घायलों की पहचान गोपी पुत्र राजकुमार, अजय कुमार पुत्र झांगा राम, दीपू पुत्र संजीव कुमार के रूप में की है। डीएसपी साहिल अरोड़ा ने कहा कि मृतक साहिल चौथी का छात्र था। तीन को बचा लिया गया है। तीनों अस्पताल में भर्ती हैं।
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इकलौता बेटा था साहिल शर्मा

हादसे में मौत का शिकार हुआ साहिल इकलौता चिराग था। इस घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। उधर घायलों की हालत अस्पताल में खतरे से बाहर बताई जा रही है।

कोईडी पंचायत के प्रधान राम आसरा का कहना है कि प्रभावितों के घर के करीब ही यह नाला पड़ता है। यही पैदल रास्ता तय करके स्कूल पहुंचना पड़ता है। इस मार्ग पर पुली नहीं है। बच्चे ज्यादातर इसी मार्ग से स्कूल जाते हैं।

उधर विधायक केएल ठाकुर ने कहा कि इस गांव के लिए 90 लाख की लागत से झूला पुल स्वीकृत करवाया जा चुका है। लेकिन यह कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। इसके टैंडर भी अवार्ड हैं। उन्होंने विभाग से इस संदर्भ में जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने माना कि यदि गांव में लिए झूला पुल होता तो शायद यह हादसा ना होता।
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