करीब 22 महीने पहले फोरलेन निर्माण विस्थापितों और प्रभावितों की समस्या के समाधान के लिए बनाई गई कमेटियों की ओर से कोई कार्रवाई न करने के मामले में सीएम कार्यालय ने चार अधिकारियों को तलब किया गया है। राज्य सरकार के निर्देश के बाद 2018 में चार कमेटियों का गठन किया गया था लेकिन 22 महीने बाद सूचना के अधिकार से मामले का खुलासा हुआ था की कमेटियों ने सीएम के निर्देशों को दर किनार किया है।
इस मामले को अमर उजाला ने आठ जनवरी 2020 के अंक में सीएम के आदेश को भी ठेंगा दिखा रहे अधिकारी के शीर्षक के साथ प्रमुखता से उठाया था। जिस मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है। सीएम कार्यालय से इस संबंध में सामाजिक विकास अधिकारी शिमला, उपसचिव कार्यालय मुख्यमंत्री, उप सचिव राजस्व और चीफ इंजीनियर लोक निर्माण विभाग शिमला को पत्र लिख कर इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम कार्यालय से जारी पत्र में उक्त अधिकारियों को कहा गया है कि वह पूरे मामले की 15 दिनों के अंदर छानबीन करें और पूरी रिपोर्ट सीएम कार्यालय को दें। कहा गया है कि सीएम के निर्देश के बाद भी अधिकारियों ने कार्रवाई क्यों नहीं की, इसकी भी छानबीन की जाए। वहीं फोरलेन विस्थापित और प्रभावित समिति के उप प्रधान अशोक कुमार, राकेश कुमार, चिंता देवी, सीता राम और महासचिव एवं पूर्व सैनिक मदन लाल ने सीएम जयराम ठाकुर से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। लोगों की समस्या का समाधान न कर कोताही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।