मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कांगड़ा दौरे से पहले कांग्रेस के पूर्व मंत्री जीएस बाली ने दूसरी राजधानी धर्मशाला का मुद्दा फिर छेड़ दिया है। स्वास्थ्य लाभ के बाद लगातार सक्रिय हो रहे जीएस बाली ने कहा कि पिछले कार्यकाल के दौरान कांग्रेस ने धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा दिया था। बाकायदा अधिसूचना जारी की गई थी। अगर गूगल पर सर्च किया जाए तो प्रदेश की दो राजधानियां शिमला और धर्मशाला आती हैं।
जयराम सरकार को सत्ता में आए हुए तीन साल होने को हैं लेकिन धर्मशाला को दूसरी राजधानी के रूप में पहचान नहीं दी। यह निचले हिमाचल के साथ भेदभाव का सुबूत है। जयराम सरकार जनता को बताए कि कांग्रेस की ओर से धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा देने के बाद आखिर उसने इस संदर्भ में ढाई साल क्या किया। जयराम सरकार बताए कि धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा देने वाली अधिसूचना के बाद का स्टेट्स क्या है।
दूसरी राजधानी की अधिसूचना के बाद की औपचारिकताओं को सरकार जल्द पूरा करे। जयराम सरकार ने निचले हिमाचल से इतना भेदभाव किया कि ढाई साल तक धर्मशाला सचिवालय में मंत्री ही नहीं बैठे। कांगड़ा जिला के प्रोजेक्टों को मंडी और अन्य जिलों में शिफ्ट करने तथा मंत्रियों को हटाने का काम ही सरकार ने किया।
जयराम सरकार ने अपने कार्यकाल में महंगाई और भ्रष्टाचार के अलावा पहाड़ की जनता को कुछ भी नहीं दिया। कोरोना महामारी के बीच आर्थिक तंगी से जूझ रही जनता को 25 फीसदी बस किराया बढ़ाकर महंगाई का गिफ्ट दिया। हिमाचल के हजारों युवा बेरोजगार हो गए लेकिन उनके रोजगार के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई। सीमेंट के दाम आसमान छू रहे हैं। बिजली दरें बढ़ाकर आम आदमी पर आर्थिक बोझ लादा गया।
स्वास्थ्य विभाग सहित कई महकमों में भ्रष्टाचार की सीमाएं लांघी जा रही हैं। बिना सोचे समझे अफसरों के तबादले करने के बाद गलती का अहसास होने पर उनको वापस लिया जा रहा है। केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर निर्माण से संबंध एफसीए रिपोर्ट पिछले पांच महीने से क्यों दबाई गई, इसका जवाब जयराम सरकार दे।