बीआर कौंडल ने शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि वह और देस राज शर्मा अन्ना हजारे से प्रभावित होकर इससे 2012-13 में इस आम आदमी पार्टी के जन्म होने के साथ इससे जुडे़। उन्होंने कई रैलियों में हिस्सा लिया। तब आम आदमी पार्टी का संगठन नहीं था।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मंडी जिला के पूर्व संघचालक और पूर्व एचएएस अधिकारी बीआर कौंडल ने तीन दिन पहले आम आदमी पार्टी के प्रभारी सत्येंद्र जैन से लंबी चर्चा के बाद सियासी हलचल पैदा की है। बुधवार को उन्होंने शिमला में कहा कि आरएसएस नहीं कहता है कि कौन सी पार्टी में जाएं और भाजपा संघ की पार्टी नहीं है। संघ किसी कार्यकर्ता और स्वयंसेवक को यह नहीं कहता है कि वह किस पार्टी में जाए। जब तक व्यक्ति आरएसएस के दायित्व में रहता है तो उसका राजनीति से संबंध नहीं होता है। एक साल पहले ही उन्होंने अनुरोध करके परिवार की जिम्मेवारियों की वजह से मंडी जिला के संघचालक का दायित्व छोड़ा। जो आरएसएस को नहीं जानते हैं, वे ही ऐसी बातें करते हैं। संघ का तो एक ही फंडा है कि राष्ट्रहित या जनहित प्रभावित न हो।
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बीआर कौंडल ने शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि वह और देस राज शर्मा अन्ना हजारे से प्रभावित होकर इससे 2012-13 में इस आम आदमी पार्टी के जन्म होने के साथ इससे जुडे़। उन्होंने कई रैलियों में हिस्सा लिया। तब आम आदमी पार्टी का संगठन नहीं था। वह धीरे-धीरे सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था आरएसएस से जुडे़। चार साल तक जिला मंडी में संघचालक भी रहे। आरएसएस तो समाज और देश के लिए काम करता है। उन्होंने आज तक किसी भी पार्टी की सदस्यता नहीं ली है। आज भू अधिग्रहण से अन्याय पर प्रदेश की जनता चिल्ला रही है, कोई सुनवाई नहीं हो रही। आप प्रभारी से बहुत से मुद्दों पर चर्चा हुई है। उन्होंने चाहा है कि उनका साथ दें। उन्होंने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।