मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनकी पत्नी पर जसवां-परागपुर में पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर और उनके समर्थकों की ओर से की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर हमीरपुर कांग्रेस ने विक्रम ठाकुर और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ गांधी चौक पर जोरदार नारेबाजी की। इस मौके पर जिला कांग्रेस और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने हमीरपुर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मामले को लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक पूर्व मंत्री के समक्ष उसके समर्थकों की अमर्यादित टिप्पणी ने राजनीतिक सिद्धांतों को भी शर्मसार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर जसवां-प्रागपुर की बेटी भी हैं। जसवां-प्रागपुर की बेटी और नादौन की बहू के ऊपर ऐसी अमर्यादित टिप्पणियां बिल्कुल सहन नहीं की जाएंगी।
इस मौके पर हमीरपुर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे डॉक्टर पुष्पेंदर वर्मा, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता नरेश ठाकुर, जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष अजय शर्मा, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष अध्यक्ष राकेश रानी, निशा कटोच, जिला एससी कांग्रेस अध्यक्ष होशियार सिंह, जिला कांग्रेस प्रवक्ता रोहित शर्मा, मनोज शर्मा, अंशुल शर्मा, एनएसयूआई प्रदेश महासचिव टोनी ठाकुर, पंकज मिन्हास, विकास लठ, बीडीसी हमीरपुर के वाइस चेयरमैन संजीव शर्मा और यूथ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अश्विनी कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।
कानून के शिकंजे में होंगे बिक्रम ठाकुर: रोहित
हमीरपुर। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य एडवोकेट रोहित शर्मा ने मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी के खिलाफ भाजपाइयों द्वारा की गई अमर्यादित टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि बहुत जल्द पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर कानून के शिकंज में आने वाले हैं। मुख्यमंत्री व उनकी धर्मपत्नी के बारे में जिस तरह के शब्दों का चयन भाजपा ने किया है, उससे उनका महिला विरोधी चेहरा भी नजर आ चुका है।
भाजपा नेताओं की इस तरह की टिप्पणी प्रदेश के विस चुनावों में हुई शर्मनाक हार की बौखलाहट दिखाती है। रोहित शर्मा ने कहा कि अब वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश व देश की जनता भाजपा का बोरिया-बिस्तर पैक करने वाली है। क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी जिस तरह से अपने लिबास पहनकर जनता के बीच जाते है, उससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। सीमेंट कंपनियों को बंद करके प्रदेश की अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने का प्रयास किया गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा गत दिवस हिमाचल आए थे, लेकिन उन्होंने सीमेंट के मुद्दे को सुलझाने के लिए कोई प्रयास तक नहीं किया। पिछले पांच साल के कार्यकाल में डबल इंजन की सरकार की डींगें मारने वाले जयराम ठाकुर भी केंद्र से एक फूटी कौड़ी तक नहीं ला पाए। इसी का नतीजा है कि सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिना बजट और कोरी घोषणाओं के दम पर खोले प्रदेश के छह सौ से अधिक संस्थानों को बंद कर उनका पुनर्निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। इस मौके पर जिला प्रवक्ता नरेश ठाकुर, पूर्व पार्षद राजेश चौधरी, युकां महासचिव डॉ. चंदन राणा और सुरेश ठाकुर समेत अन्य मौजूद रहे।