छह नवंबर को एक मंच पर होंगे पूर्व महापौर और उपमहापौर अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में कंगाली से जूझ रहे नगर निगम की कमाई कैसे बढ़ाई जाए, इस बारे में पूर्व महापौर और उपमहापौर से सुझाव लिए जाएंगे।
महापौर सुरेंद्र चौहान ने छह नवंबर को टाउनहॉल में होने वाले सम्मेलन के लिए एजेंडा तैयार कर लिया है। सुबह 11:30 बजे से यह सम्मेलन शुरू होगा। देश के सबसे पुराने नगर निगमों में शामिल शिमला नगर निगम अपने शुरुआती दिनों में काफी साधन संपन्न था। यहां से मुंबई नगर निगम को भी ऋण दिया जाता था लेकिन साल दर साल नगर निगम की कमाई के साधन खत्म होने लगे। स्वास्थ्य, परिवहन, वन विभाग, पेयजल जैसे अहम विभाग नगर निगम से सरकार ने वापस ले लिए। अब सिर्फ टैक्स और लीज पर दी संपत्तियां ही नगर निगम की कमाई का जरिया बची हैं। इससे होने वाली कमाई कर्मचारियों की तनख्वाह पर ही खर्च हो रही है। सभी दलों के पूर्व महापौर और उप महापौर से पूछा जाएगा कि कैसे इन संसाधनों को बढ़ाया जा सकता है।
नगर निगम प्रतिनिधियों को शक्तियां देने, शहर को विकसित करने, आम जनता को नई सुविधाएं देने जैसे बिंदुओं पर भी चर्चा की तैयारी है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि 1986 के बाद महापौर और उप महापौर रहे नेताओं को बैठक का न्योता दे दिया गया है। इसका एजेंडा भी तैयार कर लिया है।
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पूर्व पार्षदों, वरिष्ठ नागरिकों से भी बैठक
महापौर इस सम्मेलन के बाद पूर्व पार्षदों और शहर के वरिष्ठ नागरिकों के साथ भी बैठक की योजना बना रहे हैं। आने वाले दिनों में इस पर चर्चा की जाएगी।