पूर्व डीजीपी के बेटे और शराब परचून ठेकेदार अमिल मिन्हास ने विजिलेंस के पास दर्ज एक धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के केस में बीते सोमवार को ऊना की एक अदालत में समर्पण कर दिया है। अमिल मिन्हास इस केस में वांछित था।
अमिल मिन्हास ऊना जिला में शराब का परचून का ठेकेदार था। वर्ष 2018 और 2019 में उसने यह कारोबार किया। आबकारी विभाग ने उसके खिलाफ फर्जीवाड़ा कर धोखाधड़ी से विभाग को चूना लगाने की शिकायत दर्ज करवाई थी। जिस पर विजिलेंस ऊना में उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
जिला सत्र एवं न्यायाधीश ऊना की अदालत में उसकी अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट हिमाचल प्रदेश में जमानत याचिका लगाई थी, लेकिन वहां भी जमानत याचिका खारिज होने के बाद वह भूमिगत हो गया था। जिस पर उसके खिलाफ भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता के तहत संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई भी शुरू की गई थी। मंगलवार को एसआईयू टीम ने ऊना कोर्ट से एमिल मिन्हास का पांच दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। एएसपी विजिलेंस ऊना सागर चंद्र ने इसकी पुष्टि की है।