वीरभद्र एक महान राजनेता, दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता और जनता के सच्चे सेवक थे: राज्यपाल
राज्यपाल ने कहा कि वीरभद्र सिंह महान राजनेता, दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता और जनता के सच्चे सेवक थे। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए जो योगदान दिया, वह आज भी प्रदेशवासियों के हृदय में अमिट रूप से अंकित है। उनका जनसेवा से जुड़ा जीवन भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। वीरभद्र सिंह ने धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाकर हिमाचल की संस्कृति और आस्था की रक्षा के लिए जो कदम उठाया, वह उनकी देवभूमि के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह से भी मिले।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. कर्नल धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंदलाल, विधायक आरएस बाली, मोहन लाल ब्राक्टा, संजय रतन, राम कुमार चौधरी, हरीश जनारथा, आशीष बुटेल, विधायक कमलेश ठाकुर, पूर्व मंत्री कौल सिंह, पूर्व विधायक आशा कुमारी, रामलाल ठाकुर, प्रकाश चौधरी, सुरेश भारद्वाज, नीरज भारती, मंजीत डोगरा, चेतराम और निगमों व बोर्डो के अध्यक्षों ने भी भाग लिया। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, एसपी गौरव सिंह, उपमंडल अधिकारी रामपुर हर्ष अमरेन्द्र सिंह भी इस दौरान मौजूद रहे।
15 जुलाई को वीरभद्र की प्रतिमा का अनावरण
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि रिज मैदान पर वीरभद्र सिंह की प्रतिमा स्थापित कर दी गई है। इसका अनावरण 15 जुलाई को किया जाएगा। पहले अनावरण कार्यक्रम 23 जून को रखा गया था, लेकिन आला कमान ने इस समारोह में आने की इच्छा जताई है। इसके चलते समारोह को 15 जुलाई के लिए निर्धारित किया गया है।