लोनिवि विद्युत मंडल में अधिशासी अभियंता मनीष भुप्पल ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि उनके विभाग के कनिष्ठ सहायक राकेश सिंह ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में गलत कागजात के आधार पर सरकारी खजाने से 19 लाख रुपये का गबन किया है। आरोप है कि कनिष्ठ सहायक ने धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए तत्कालीन अधिशासी अभियंताओं को गुमराह किया और हेराफेरी से सरकारी फंड का दुरुपयोग किया।
हिमाचल प्रदेश के ऊना में लोक निर्माण विभाग के विद्युत मंडल के कनिष्ठ सहायक ने अधिकारियों को गुमराह करते हुए भविष्य निधि खाता में धनराशि न होने के बावजूद 19 लाख रुपये की निकासी कर डाली। शातिर ने फर्जी दस्तावेज के सहारे छह निकासियों से यह राशि निकाली और सरकारी फंड का दुरुपयोग किया। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार लोनिवि विद्युत मंडल में अधिशासी अभियंता मनीष भुप्पल ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि उनके विभाग के कनिष्ठ सहायक राकेश सिंह ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में गलत कागजात के आधार पर सरकारी खजाने से 19 लाख रुपये का गबन किया है। आरोप है कि कनिष्ठ सहायक ने धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए तत्कालीन अधिशासी अभियंताओं को गुमराह किया और हेराफेरी से सरकारी फंड का दुरुपयोग किया।
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विजिलेंस की जांच में सामने आया है कि कनिष्ठ सहायक के भविष्य निधि खाते में कोई जमा राशि नहीं थी। यह जानते हुए भी शातिर ने जाली जीपीएफ निकासी फार्म, बैलेंस शीट, कार्यालय स्वीकृति आदेश, एचपीटीआर-4 बिल जैसे दस्तावेज तैयार किए और सरकारी धन का गबन कर लिया। इसके बाद उसने इस्तेमाल किए जाली दस्तावेज नष्ट कर दिए। विजिलेंस जांच में सामने आया है कि विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंताओं ने इस अग्रिम व आंशिक प्रत्याहरण को स्वीकृत करते हुए अपने कर्त्तव्य का निर्वहन जिम्मेदारी से नहीं किया। इस पर विजिलेंस ने तत्कालीन अधिशाषी अभियंताओं के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है। इस संबंध में विजिलेंस डीएसपी ऊना अनिल मेहता ने बताया कि मामले में विजिलेंस जांच चल रही है। जल्द ही आरोपी से पूछताछ की जाएगी।