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सियासत: राकेश पठानिया बोले- मैंने एक बार भी वीरभद्र का नाम नहीं लिया

Mon, 07 Mar 2022 07:19 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

राकेश  पठानिया ने कहा कि वह रिकॉर्ड साथ लाए हैं। इसे देखा जा सकता है। उन्हें पता है कि वीरभद्र सिंह दुनिया में नहीं हैं। उनके बारे में टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा। उन्होंने सदन में एक बार भी वीरभद्र का नाम नहीं लिया। वह वीरभद्र सिंह को बहुत सम्मान देते थे।
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वन मंत्री राकेश पठानिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वन मंत्री राकेश पठानिया और पूर्व सीएम दिवंगत वीरभद्र सिंह के पुत्र शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह में जुबानी हमला जारी है। पठानिया ने कहा कि वह रिकॉर्ड साथ लाए हैं। इसे देखा जा सकता है। उन्हें पता है कि वीरभद्र सिंह दुनिया में नहीं हैं। उनके बारे में टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा। उन्होंने सदन में एक बार भी वीरभद्र का नाम नहीं लिया। वह वीरभद्र सिंह को बहुत सम्मान देते थे। उन्होंने तो तथ्य रखे हैं। उन्होंने उनके बारे में टिप्पणी नहीं की और न ही करना चाहिए। जब उन्होंने वीरभद्र का नाम नहीं लिया तो किस बात की तकलीफ और पीड़ा हो रही है।  वन मंत्री ने सोमवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि विक्रमादित्य उन्हें सलाह दे रहे हैं कि वह खलड़ी में रहें।

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बाहर आकर एनएसयूआई के बच्चों से पुतला फुंकवा रहे हैं। न तो वह डरते हैं। न ही डरने वाली बात है। कहा कि वह एक सैन्य अधिकारी के बेटे हैं और एक खानदान से आते हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। आगे भी लडे़ेंगे। पठानिया ने विक्रमादित्य पर निशाना साधते हुए कहा कि वह आरोपी नंबर नौ हैं और जमानत पर हैं। ईडी में केस चल रहे हैं। वह कह रहे हैं कि 17 प्लस तीन सीटों पर उनके परिवार का राज है। उनसे एरोगेंस और रजवाड़ाशाही झलकती नजर आ रही है। उनके लिए वह छोटा भाई है। ऐसी भाषा वरिष्ठ के लिए सही नहीं है। उन्होंने केवल यह कहा था कि उनके जमाने में स्कूटर पर सेब ढोए जाते थे। विक्रमादित्य सिंह ने उन्हें स्टिक टू योर स्किन कहा। यह शब्द संसदीय प्रणाली में बिलकुल भी उपयुक्त नहीं है। 

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