फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। सिराज मंच के बैनर तले हुई बैठक में 46 पंचायतों ने प्रस्ताव पारित कर सीबीआई जांच की मांग की है। सभी आरोपियों के नार्को टेस्ट की गुहार लगाई गई है। मंगलवार को बाजार बंद रखने का फैसला लिया गया है।
जंजैहली में रैली निकालकर सीबीआई जांच की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। सिराज मंच के अध्यक्ष कुंदन लाल व सचिव नरेंद्र कुमार ने जांच पर सवालिया निशान उठाते हुए कहा कि होशियार सिंह की हत्या को सुनियोजित तरीके से आत्महत्या में बदला जा रहा है।
शुरू से ही इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी वन माफिया को संरक्षण दे रहे हैं। होशियार सिंह की गुमशुदगी की सूचना मिलने के बावजूद करसोग पुलिस ने दो दिन बाद एफआईआर दर्ज की और ठोस कार्रवाई नहीं की। जांच को विपरीत दिशा में मोड़ दिया, जिससे होशियार की मौत का रहस्य आज तक नहीं सुलझ पा रहा है।
मूसलाधार बारिश में कैसे सूखा रहा सुसाइड नोट
कुंदन लाल ने कहा कि जांच एजेंसियां कथित सुसाइड नोट की बात को ज्यादा तवज्जो दे रही हैं और दावा कर रही हैं कि सुसाइड नोट होशियार के बैग से मिला था। यहां गौर करने वाली यह है कि जब से होशियार लापता था, उस दौरान मूसलाधार बारिश हुई थी, जिससे
कथित सुसाइड नोट भीग जाता या स्याही मिट सकती थी। लेकिन कथित सुसाइड नोट की लिखाई बिलकुल साफ-सुथरी है, जिससे जांच पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने डीआईजी आसिफ जलाल को इस केस की जांच का जिम्मा सौंपा था लेकिन, 24 घंटे के भीतर उन्हें जांच से हटा दिया गया।