अधिक पैदावार के लिए किसान अत्यधिक नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका असर पैदावार पर पड़ रहा है। ऐसा ही मामला ऊना की जनकौर पंचायत में देखने को मिला। कृषि विभाग के अफसरों ने निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि गांव के एक किसान ने आलू की फसल की अधिक पैदावार पाने के लिए 4 हेक्टेयर भूमि में 25 क्विंटल (50 बैग) यूरिया खाद डाल दी। खेतों में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ने से जमीन का संतुलन बिगड़ गया और आलू की फसल आधी हुई। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यूरिया के प्रयोग से मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है। मिट्टी में कार्बो और नाइट्रोजन बढ़ने से मिट्टी का संतुलन खराब हो जाता है।