नौणी विश्वविद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर की नए सत्र में 162 सीटें बढ़ाई गई हैं। नौणी विवि के तहत आने वाले चार काॅलेजों में इन बढ़ी हुई सीटों में दाखिले शुरू हो चुके हैं। इसमें स्नातक की 90 और स्नातकोत्तर की 72 सीटें शामिल हैं। यह बात नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने सोलन में पत्रकारवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि अब विवि में करीब 3,000 छात्र हो गए हैं।
साथ ही नए सत्र से कई नए कोर्स भी शुरू होंगे, जिसमें फूड टेक्नोलॉजी में बीटेक और एमटेक, प्लांट पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री में मास्टर डिग्री, एमएससी एग्रीकल्चर एक्सटेंशन, एमएससी फॉरेस्ट रिसोर्स मैनेजमेंट, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी, फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केपिंग, माइक्रोबायोलॉजी एंड फॉरेस्ट बायोलॉजी और ट्री इंप्रूवमेंट शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में 17 हॉस्टल के 1,500 से ज्यादा छात्रों का खाना सोलर कुकिंग से बनाना शुरू हो गया। इससे सालाना 9.62 करोड़ रुपये की बचत होगी। विवि में 65 लाख रुपये की लागत से नया एलुमनाई सेंटर तैयार किया गया है। साथ ही विवि में 1.25 करोड़ रुपये से स्किल डेवलपमेंट सेंटर तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि विवि 32 किसानों के साथ फूड सिस्टम के तहत कार्य करेगा। इसमें खेतों से लेकर बाजार तक सब्जियां कैसे पहुंचती हैं, इस पर काम होगा।
किसानों को बड़ी कंपनियों के साथ जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वह अपने उत्पाद सीधे कंपनियों को बेचे जा सकें। इसके अलावा विवि ने एक कंपनी के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किया है। अगले वर्ष तक दो लाख लीटर सेब का जूस तैयार करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर नौणी विवि के वैज्ञानिक डॉ सीएम ठाकुर, डॉ राजेश भल्ला समेत कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।