scholarship scam in Himachal Pradesh
ढाई सौ करोड़ से ज्यादा के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सीबीआई की अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि शिक्षा विभाग के जिस अधीक्षक अरविंद राजटा को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है, उसकी पत्नी और अन्य रिश्तेदार आठ निजी शैक्षणिक संस्थानों में निदेशक थे।
खास बात यह है कि यह वही संस्थान थे जिन्हें राजटा के जरिये छात्रवृत्ति जारी की जाती थी। जांच में यह भी पता चला है कि इन संस्थानों में ही छात्रवृत्ति का बड़ा हिस्सा आवंटित किया जाता था।
अब सीबीआई इस बात की जांच में जुटी है कि आखिर एक अधीक्षक खुद और अपने परिवार के सदस्यों को लाभ दिलाता रहा और कैसे किसी भी अधिकारी ने इन सालों के दौरान कभी उसकी इस कारगुजारी पर कोई कार्रवाई नहीं की। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई अब इस मामले में शिक्षा विभाग में तत्कालीन उच्चाधिकारियों की पूरी भूमिका की नए सिरे से जांच में जुट गई है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि निदेशक, संयुक्त निदेशक और शाखा प्रभारी अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। फिलहाल अधीक्षक के बाद अब सीबीआई निजी शिक्षण संस्थानों के साथ सरकारी अधिकारियों की सांठगांठ का पता लगाने में जुटी है।