हिमाचल में हर साल कैंसर के पांच हजार नए मरीज सामने आ रहे हैं। अकेले क्षेत्रीय कैंसर केंद्र शिमला में ही नए-पुराने सभी करीब 25 हजार रोगी कैंसर मर्ज का उपचार करवा रहे हैं। बदली जीवनशैली और विषाक्त खानपान कैंसर के मुख्य कारक बताए जा रहे हैं। एक अंदाजा है कि भारत में हर साल कैंसर के 11 लाख मरीज सामने आ रहे हैं।
लगभग आधे रोगी हर साल मर रहे हैं। भारत के अन्य हिस्सों की तरह ही हिमाचल भी कैंसर रोग के मामले में अपवाद नहीं है। हिमाचल के क्षेत्रीय कैंसर केंद्र शिमला के प्रमुख डॉ. आरके सीम का कहना है कि इस केंद्र में इलाज के लिए साल में कैंसर के 2500 नए रोगी आ रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इतने ही मरीज राज्य से बाहर जाते हैं। ओपीडी में अब तक नए-पुराने लगभग 25 हजार मरीज कैंसर रोग का इलाज करवाने आ रहे हैं।
संकेत और लक्षण
शुरू में कैंसर का पता नहीं चलता। रोग के फैलने और बढ़कर नासूर बन जाने पर ही इसके लक्षण सामने आते हैं। रोग के प्रारंभिक चरण में कोई दर्द नहीं होता, लेकिन बाद में दर्द के अहसास होने लगता है। लक्षणों के प्रकार और रोग के स्थान पर ही कैंसर निर्भर करता है।