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हर साल बढ़ रहे इस बीमारी के मरीज, बेतरतीब खानपान बड़ा कारण

Sun, 04 Jun 2017 01:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में हर साल कैंसर के पांच हजार नए मरीज सामने आ रहे हैं। अकेले क्षेत्रीय कैंसर केंद्र शिमला में ही नए-पुराने सभी करीब 25 हजार रोगी कैंसर मर्ज का उपचार करवा रहे हैं। बदली जीवनशैली और विषाक्त खानपान कैंसर के मुख्य कारक बताए जा रहे हैं। एक अंदाजा है कि भारत में हर साल कैंसर के 11 लाख मरीज सामने आ रहे हैं।
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लगभग आधे रोगी हर साल मर रहे हैं। भारत के अन्य हिस्सों की तरह ही हिमाचल भी कैंसर रोग के मामले में अपवाद नहीं है। हिमाचल के क्षेत्रीय कैंसर केंद्र शिमला के प्रमुख डॉ. आरके सीम का कहना है कि इस केंद्र में इलाज के लिए साल में कैंसर के 2500 नए रोगी आ रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इतने ही मरीज राज्य से बाहर जाते हैं। ओपीडी में अब तक नए-पुराने लगभग 25 हजार मरीज कैंसर रोग का इलाज करवाने आ रहे हैं।  

संकेत और लक्षण 
शुरू में कैंसर का पता नहीं चलता। रोग के फैलने और बढ़कर नासूर बन जाने पर ही इसके लक्षण सामने आते हैं। रोग के प्रारंभिक चरण में कोई दर्द नहीं होता, लेकिन बाद में दर्द के अहसास होने लगता है। लक्षणों के प्रकार और रोग के स्थान पर ही कैंसर निर्भर करता है। 
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चेतावनी संकेत

आंत और मूत्राशय की आदतों में बदलाव 
असामान्य रक्तस्राव
अपच या निगलने में कठिनाई 
आवाज के साथ सूखी या कुकुर खांसी 
त्वचा संक्रमण जो ठीक नहीं होता हो
स्तन में या कहीं और रसौली या गांठ 
मस्सा या तिल में स्पष्ट परिवर्तन 

कैंसर का निदान 
कैंसर का निदान बहुत से तरीकों से किया जा सकता है। कुछ संकेत एवं चिन्हों सहित स्क्रीनिंग टेस्ट या चिकित्सकीय इमेजिंग के तरीके इसमें शामिल हैं।

कैंसर होने की संभावना का पता लगने पर ऊतक नमूने का सूक्ष्म परीक्षण कर निदान किया जा सकता है। कैंसर का आम तौर पर इलाज कीमोथैरेपी, विकिरण रोगोपचार और सर्जरी से किया जा सकता है। प्रारंभिक अवस्था में कैंसर का उपचार संभव है।
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