फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिमला: डोडरा क्वार क्षेत्र की पांच पंचायतों में इंटरनेट सुविधा नहीं, विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित

Wed, 19 May 2021 10:46 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

शिमला जिले के डोडरा क्वार शिक्षा खंड की पांच पंचायतों धदरवाड़ी, क्वार, कितरवाड़ी, जाखा और जिसकुण में इंटरनेट सुविधा न होने से छात्र रोहड़ू में किराये के मकान में रहकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। 
विज्ञापन
इंटरनेट न होने से बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावित हो रही। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना कर्फ्यू के चलते हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूल और कॉलेज बंद कर ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करवा दी हैं, लेकिन प्रदेश के कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां या तो इंटरनेट नहीं या फिर सिग्नल काफी कम है। कुछ पंचायतें तो ऐसी हैं, जहां कहीं भी इंटरनेट की सुविधा नहीं है। इस वजह से सैकड़ों विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाएं नहीं लगा पा रहे हैं। शिमला जिले के डोडरा क्वार शिक्षा खंड की पांच पंचायतों धदरवाड़ी, क्वार, कितरवाड़ी, जाखा और जिसकुण में इंटरनेट सुविधा न होने से छात्र रोहड़ू में किराये के मकान में रहकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। रामपुर की कूट क्षेत्र में छात्र आंगन या किसी पहाड़ी पर चढ़कर ऑनलाइन कक्षाएं लगा रहे हैं।

विज्ञापन


यहां छात्र ऑनलाइन कक्षाएं नहीं लगा पा रहे। ऐसे स्कूलों में स्टाफ के आने की अनुमति मिलने पर बीते वर्ष की तर्ज पर शिक्षक छात्र-छात्राओं को घर पर स्टडी मैटीरियल मुहैया करवाने का कार्य करेंगे। उपनिदेशक उच्च अशोक शर्मा ने कहा कि डोडरा क्वार में इंटरनेट की दिक्कत है। यहां विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाएं नहीं लगा पा रहे हैं। समस्या का आलम यह है कि बुधवार को हुई शिक्षा विभाग की वीडियो की कान्फ्रेंसिंग से भी डोडरा क्वार के अधिकारी नहीं जुड़ पाए। दूसरी तरफ, कूट पंचायत के प्रधान नीतीश भंडारी ने कहा कि उनकी पूरी पंचायत में कहीं भी सिग्नल नहीं है। इस वजह से छात्र पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। 

73 फीसदी विद्यार्थी ही लगा पा रहे कक्षाएं
शिमला। कोरोना कर्फ्यू के कारण बंद सरकारी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। जिले में अभी तक स्कूलों में पढ़ने वाले सिर्फ 73 फीसदी छात्र ही व्हाट्सएप से जुड़कर ऑनलाइन कक्षाएं लगा पा रहे हैं। शेष 13 फीसदी छात्र ऐसे हैं जिनके पास या तो स्मार्ट फोन नहीं है या फिर उनके गांवों में इंटरनेट सिग्नल नहीं है। कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जो या तो प्रदेश से बाहर हैं या फिर किसी अन्य कारणों से ऑनलाइन कक्षाएं नहीं लगा पा रहे। बीते शनिवार को आयोजित ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी स्पर्र्धा में प्राथमिक और अपर प्राइमरी के 70 फीसदी छात्रों ने ही भाग लिया। हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के सिर्फ 45 फीसदी छात्र ही इस प्रश्नोत्तरी में भाग ले पाए। हालांकि, इसका एक कारण हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में जारी प्रवेश प्रक्रिया भी है। माना जा रहा है कि 31 मई तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें