रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन शासित तिब्बत सीमा से सटे पांच पुल मंगनवार को राष्ट्र को समर्पित किए हैं। इस लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर वर्चुअल जुडे़। ये मनाली-सरचू सड़क मार्ग पर बने कोठी-एक पुल, कोठी-दो पुल, कमांडर पुल, पटसेउ पुल और पोवारी-पूह सड़क पर बने काशंग पुल हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सामरिक महत्व के ये पुल देश की सुरक्षा में अहम योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि लेह के लिए वैकल्पिक मार्ग पर बने ये पुल जम्मू-कश्मीर और लेह में तैनात सैनिकों के लिए बहुत मददगार सिद्ध होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से देश के चार राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण 27 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं।
इन परियोजनाओं का निर्माण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने किया है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए रक्षा मंत्री और केंद्र सरकार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश की सीमाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए बीआरओ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीआरओ ने इस वर्ष आधारभूत ढांचे से जुड़ी 102 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का कार्य पूरा कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय और सुदूर क्षेत्रों में लोगों का जीवन सरल बनाने और इन क्षेत्रों की आर्थिकी में सुधार करने में बीआरओ का अहम योगदान है। इस अवसर पर प्रोजेक्ट दीपक बीआरओ शिमला के कर्नल प्रणय डंगवाल और अधिशासी अभियंता पंकज कुमार शिमला में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
चीन और पाक सीमा तक पहुंचने में होगी आसानी
मनाली-लेह मार्ग के साथ चीन सीमा को जोड़ने वाले ग्रांफू-काजा-समदो मार्ग का बीआरओ लगातार विस्तार कर रहा है। दोनों मार्ग अगले कुछ सालों में डबललेन होंगे और भारतीय सेना को चीन व पाकिस्तान सीमा तक पहुंचने में आसानी होगी।
सेब, आलू, मटर, बादाम और अन्य फसलें बाहर ले जाने में सुविधा होगी : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि इन पुलों का लाभ स्थानीय लोगों को भी मिलेगा। इनसे लाहौल-स्पीति के केलांग सहित लेह-लद्दाख के वासियों के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंध मजबूती होंगे। अब यहां से न सिर्फ भारी सैन्य वाहन सुगमता से गुजरेेंगे, बल्कि स्थानीय जनता भी लाभान्वित होगी। यहां से सेब, आलू, मटर, बादाम और अन्य फसलें बाहर ले जाने में सुविधा होगी। ये पुल किन्नौर जिले की आर्थिकी बढ़ाने में भी योगदान देंगे।