दलील थी कि पहले गेहूं की सफाई करनी पड़ती है और उसके बाद इसे पिसाई के लिए दूर जाना पड़ता है। एक किलो गेहूं पिसाने के 5 रुपये लिए जाते हैं। अब प्रदेश सरकार ने एपीएल की तर्ज पर अंत्योदय परिवारों को भी आटा देने का फैसला लिया है।
सूबे के 12 लाख एपीएल परिवारों को जनवरी में प्रति किलो आटा 70 पैसे महंगा मिलेगा। पहले उपभोक्ताओं को 8.60 रुपये के हिसाब से आटा दिया जाता था, अब 9.30 रुपये प्रति किलो मिलेगा। प्रदेश सरकार ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
अंत्योदय परिवारों को अब गेहूं की जगह आटा दिया जाएगा। जनवरी से आटा मिलना शुरू हो जाएगा। लोगों की बार-बार मांग के चलते यह फैसला लिया गया है। - अमिताभ अवस्थी, सचिव खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग