सीटू राज्य कमेटी ने ऊना जिले के बाथू बाथड़ी में अवैध पटाखा फैक्टरी में धमाकों में छह महिला मजदूरों की मौत पर दुख जताया है। कहा कि इस मामले में फैक्टरी मालिक, प्रबंधन, श्रम अधिकारी ऊना, उद्योग व बिजली विभाग के अधिकारियों पर हत्या का मुकद्दमा दर्ज किया जाए। राज्य कमेटी ने मारे गए 6 मजदूरों के परिवार को 25 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल 14 मजदूरों को 20 लाख रुपये व अन्य घायलों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और महासचिव प्रेम गौतम ने इस घटना के लिए प्रदेश सरकार, उद्योग, बिजली व श्रम विभाग को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा है कि इस घटनाक्रम पर सीटू राज्य कमेटी 25 फरवरी को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन करेगी। इस दिन सभी जिला मुख्यालयों पर सीटू के बैनर तले मजदूर प्रदर्शन करेंगे। श्रम विभाग के नाक तले श्रम कार्यालय ऊना के बिल्कुल नजदीक अवैध रूप से पटाखा फैक्टरी चल रही थी। फैक्टरी में बिजली का भी अवैध कनेक्शन था। काफी समय से यह गोरखधंधा चल रहा था। वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में अवैध गोरखधंधा व माफिया राज चल रहा है। मंडी के सुंदरनगर में अभी हाल ही में जहरीली शराब के कारण सात लोगों की मौत हुई है। अब अवैध फैक्टरी के कारण छह मजदूरों को बेवजह अपनी जान गंवानी पड़ी है।