राजधानी के माल रोड स्थित अग्निशमन केंद्र के बाहर सोमवार को नेशनल फायर सर्विस वीक का आगाज किया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत में 1944 को मुंबई में शहीद हुए अग्निशमन कर्मियों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्घांजलि दी गई।
उसके बाद जिला उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा ने फायर वीक का उद्घाटन करते हुए प्रदर्शनी में लगे अग्निशमन उपकरणों का निरीक्षण किया। उपायुक्त ने भवन का दौरा भी किया।
डिविजनल आफिसर जगदीश चंद्र शर्मा ने बताया कि नेशनल फायर सर्विस डे के साथ ही देश में सप्ताह भर चलने वाले फायर वीक की शुरूआत हो जाएगी।
इन दौरान जिले भर के स्कूल, कालेजों, उद्योग भवनों, होटलों और सरकारी कार्यालयों में जाकर आग और बिजली से सुरक्षा के प्रशिक्षण दिए जाएंगे और आग लगने जैसी स्थिति का मॉकड्रिल किया जाएगा।
लोगों को बताएंगे कैसे आग से बच सकते हैं
इसमें बताया जाएगा कि स्कूल, आफिस या किसी सार्वजनिक स्थान पर आग लगने की स्थिति में किस प्रकार सुरक्षित बचा जा सकता है।
इसमें हादसों में घायल लोगों के प्राथमिक उपचार देने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
जेसी शर्मा ने बताया कि मॉकड्रिल के अलावा लोगों को बिजली के उपकरणों के सही प्रयोग, आग लगने के कारण और बचाव के बारे में विस्तार से बताया जाएगा ताकि भविष्य में आग लगने की दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
अग्निशमन केंद्र में लगे अग्निशमन उपकरणों की प्रदर्शनी में आग और बिजली से बचाव की जानकारी देने वाली पत्रिकाओं, पुस्तिकाओं के अलावा सीडी कैसेटें लोगों को बांटी गई।